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कोरोना से दो-दो हाथ करने के लिए जेल में दक्ष हो रहे कैदी
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वाराणसी। अपने गुनाहों की सजा काट रहे सेंट्रल जेल के कैदियों को जेल प्रशासन कोरोना से दो-दो हाथ करने की ट्रेंनिग दे रहा है। लगभग 40 कैदियों ने पैरामेडिकल प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने साथियों का इलाज कर रहे हैं। अन्य कैदी भी इंजेक्शन व ड्रीप चढ़ाने के साथ ही तापमान मापने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। यह सब जेल अस्पताल के चिकित्सक डॉ अभिषेक सिंह के प्रयासों की बदौलत हो रहा है।
सेंट्रल जेल के चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक ने बताया कि जेल प्रशासन के सहयोग से 40 कैदियों को पैरामेडिकल स्टाफ के रुप में प्रशिक्षित किया, जो बेहद संजीदगी से पैरामेडिकल स्टाफ की तरह काम कर रहे हैं और अपने बंदी साथियों की इलाज कर रहे हैं। यह काम चुनौती पूर्ण इसलिए भी है कि क्योंकि कारागार में बुजुर्गों की संख्या करीब 250 है। साथ ही कई रोगों से ग्रसित भी बहुत से बंदी हैं। इसमें कुछ कैंसर के भी रोगी हैं। जबकि जेल में संसाधन सीमित है। बावजूद इसके जेलों में लगातार बंदी निगेटिव होते जा रहे हैं।
उन्होंने ने बताया कि सरकार ने जेल के मेडिकल स्टाफ का भी टीकाकरण समय से करवाया है। जिससे स्वस्थ रहते हुए कोरोना मरीजों के इलाज में काफी मदद मिल रही है। सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि कारागार में करीब 1675 बंदी हैं। जिसमें लगभग 70 बंदी कोरोना पॉजिटिव हुए थे। करीब दो सप्ताह में कोरोना पाजिटिव बंदी निगेटिव हो गये थे। मौजूदा समय में केवल 13 बंदी कोरोना पॉजिटिव हैं।इनका देखभाल और इलाज चल रहा है। किसी भी बंदी की स्थिति गंभीर नहीं हुई कि उन्हें आईसीयू या वेंटीलेटर की जरुरत पड़े।
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जिला जेल के जेलर पवन त्रिवेदी ने बताया कि पहले से चिकित्सकीय सेवा से जुड़े बंदी व अन्य बंदी मिलकर जिला जेल चौकाघाट में भी कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं। जिससे कोरोना संक्रमित जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं।
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सेंट्रल जेल के चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक ने बताया कि जेल प्रशासन के सहयोग से 40 कैदियों को पैरामेडिकल स्टाफ के रुप में प्रशिक्षित किया, जो बेहद संजीदगी से पैरामेडिकल स्टाफ की तरह काम कर रहे हैं और अपने बंदी साथियों की इलाज कर रहे हैं। यह काम चुनौती पूर्ण इसलिए भी है कि क्योंकि कारागार में बुजुर्गों की संख्या करीब 250 है। साथ ही कई रोगों से ग्रसित भी बहुत से बंदी हैं। इसमें कुछ कैंसर के भी रोगी हैं। जबकि जेल में संसाधन सीमित है। बावजूद इसके जेलों में लगातार बंदी निगेटिव होते जा रहे हैं।
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उन्होंने ने बताया कि सरकार ने जेल के मेडिकल स्टाफ का भी टीकाकरण समय से करवाया है। जिससे स्वस्थ रहते हुए कोरोना मरीजों के इलाज में काफी मदद मिल रही है। सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि कारागार में करीब 1675 बंदी हैं। जिसमें लगभग 70 बंदी कोरोना पॉजिटिव हुए थे। करीब दो सप्ताह में कोरोना पाजिटिव बंदी निगेटिव हो गये थे। मौजूदा समय में केवल 13 बंदी कोरोना पॉजिटिव हैं।इनका देखभाल और इलाज चल रहा है। किसी भी बंदी की स्थिति गंभीर नहीं हुई कि उन्हें आईसीयू या वेंटीलेटर की जरुरत पड़े।
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जिला जेल के जेलर पवन त्रिवेदी ने बताया कि पहले से चिकित्सकीय सेवा से जुड़े बंदी व अन्य बंदी मिलकर जिला जेल चौकाघाट में भी कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं। जिससे कोरोना संक्रमित जल्दी स्वस्थ हो रहे हैं।