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आंतरिक यात्रा में मददगार होते हैं मंदिर : जग्गी वासुदेव

Wed, 25 Sep 2019 01:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 01:51 AM IST
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jaggi vasudev
वाराणसी। सद्गुुरु जग्गी वासुदेव ने कहा कि समाज में अज्ञानता मृत्यु को छिपाती है जबकि यह दुनिया का सबसे कड़वा सत्य है। काशी में मणिकर्णिका घाट पर मृत्यु का महिमामंडन नहीं बल्कि लोगों को नश्वरता का ज्ञान दिया जाता है। यह मानव अस्तित्व की वास्तविकता है। जीवन के प्रति जागरूक करने का तंत्र है महाश्मशान पर होने वाला अंतिम संस्कार। ईशा सेक्रेड वाक की ओर से आयोजित काशी क्रम के आठवें संस्करण बांडिंग विद लाइट के दूसरे दिन मंगलवार को सद्गुरु ने अपने शिष्यों को नश्वरता और मृत्यु का ज्ञान दिया।
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काशी की गलियों में घूमते हुए सदगुरु ने अभिनेत्री जूही चावला और कंगना रणौत को शिव की महिमा और काशी के महत्व के बारे में बताया। कंगना ने जब सवाल किया कि काशी को मंदिरों का शहर क्यों कहते हैं और यहां तो जमीन के नीचे भी मंदिर हैं। सद्गुरु ने बताया कि मंदिर पूजा का नहीं बल्कि आंतरिक यात्रा के यंत्र हैं। इनके माध्यम से हम अपनी आंतरिक यात्रा को सुखद और सौभाग्यशाली बना सकते हैं। ललिता घाट पर पशुपतिनाथ मंदिर में बातचीत के दौरान उन्होंने मंदिर के वास्तुशिल्प के बारे में भी दोनों अभिनेत्रियों को जानकारी दी।
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बताया कि किस तरह से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष किस तरह से भारतीय संस्कृति का आधार है। मंदिर के वास्तुशिल्प के माध्यम से उन्होंने आदियोगी शिव के विभिन्न स्वरूपों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने मंदिरों की ऊर्जा, गंगाजल का महत्व और आध्यात्मिक पहलुओं की जानकारी दी। रामेश्वर में उन्होंने दो घंटे का लंबा साक्षात्कार कंगना को दिया। जूही चावला ने मुक्ति की लालसा और अद्भुत नगरी काशी के बारे में विस्तृत प्रश्न पूछे। तीन दिनों से अपने एक हजार शिष्यों के साथ काशी में प्रवास कर रहे सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने मंगलवार की शुरुआत दर्शन पूजन के साथ ही। सबसे पहले वह विश्वनाथ मंदिर गए और सुबह बाबा का दर्शन पूजन करने के बाद वह काशी करवत मंदिर गए। उसके बाद ललिता घाट पर स्थित पशुपति नाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया। देर शाम को उन्होंने काशी से प्रस्थान किया। बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।
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विश्वभर में काशी का महत्व बताएंगे जग्गी वासुदेव
वाराणसी। सद् गुरु जग्गी वासुदेव श्री काशी विश्वनाथ की नगरी काशी कहा महत्व पूरी दुनिया को बताएंगे। ईशा सेक्रेड वाक की टीम ने काशी की गलियों और काशी विश्वनाथ धाम के कई महत्वपूर्ण स्थलों की शूटिंग की है। काशी के प्राचीन मंदिरों के महत्व के साथ उनकी वीडियो को भी पूरी दुनिया में प्रसारित किया जाएगा। सद् गुरु ने अपनी टीम के सदस्यों के साथ काशी विश्वनाथ धाम में ध्वस्तीकरण के बाद निकले प्राचीन मंदिरों को देखा।

महाश्मशान के सामने लगेगी आदियोगी शिव की 112 फीट की प्रतिमा
वाराणसी। काशी के महाश्मशान के सामने गंगा पार रेती में आदियोगी भगवान शिव की विशाल प्रतिमा लगाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कोयंबटूर में आदियोगी की 112 फीट की प्रतिमा स्थापित कर चुका ईशा फाउंडेशन इसको वाराणसी में स्थापित करेगा। फाउंडेशन की ओर से डेढ़ साल पहले से ही प्रतिमा लगाने के लिए प्रयास शुरू किए गए थे।
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