{"_id":"6a53f7fc0b889c685c06aa3a","slug":"issue-of-nursing-officers-demotion-at-ims-bhu-reaches-high-court-varanasi-news-c-20-vns1056-1463777-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: हाईकोर्ट पहुंचा आईएमएस बीएचयू में नर्सिंग ऑफिसरों के डिमोशन का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: हाईकोर्ट पहुंचा आईएमएस बीएचयू में नर्सिंग ऑफिसरों के डिमोशन का मामला
विज्ञापन
वाराणसी। आईएमएस बीएचयू में नर्सिंग ऑफिसरों के डिमोशन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिन 37 नर्सिंग ऑफिसरों का डिमोशन किया गया है, उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका के माध्यम से नर्सिंग ऑफिसरों ने न्याय की गुहार लगाई है।
बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में तैनात नर्सिंग ऑफिसरों ने कुलसचिव, कुलपति समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की है। उनका कहना है कि 3 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी सूची के अनुसार 195 नर्सिंग ऑफिसरों को सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पद पर पदोन्नति दी गई थी। इसके बाद कुछ लोगों ने आरक्षण के नियमों का पालन न किए जाने की शिकायत एससी-एसटी आयोग से की। आयोग के निर्देश के बाद बीएचयू प्रशासन ने नियमों के अनुपालन की प्रक्रिया शुरू की।
डिमोशन से प्रभावित नर्सिंग ऑफिसरों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 27 मई 2026 को दोबारा पदोन्नति समिति (प्रमोशन कमेटी) की बैठक बुलाई। इसके आधार पर 22 जून को नई पदोन्नति सूची जारी की गई, जिसमें पहले पदोन्नत किए गए सामान्य और ओबीसी वर्ग के 37 नर्सिंग ऑफिसरों का डिमोशन कर दिया गया। नर्सिंग ऑफिसरों का कहना है कि पिछले एक महीने में उन्होंने कई बार कुलपति, कुलसचिव समेत अन्य अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले में 14 जुलाई को सुनवाई की तिथि निर्धारित है। याचिकाकर्ताओं को न्याय मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में तैनात नर्सिंग ऑफिसरों ने कुलसचिव, कुलपति समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की है। उनका कहना है कि 3 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय की ओर से जारी सूची के अनुसार 195 नर्सिंग ऑफिसरों को सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पद पर पदोन्नति दी गई थी। इसके बाद कुछ लोगों ने आरक्षण के नियमों का पालन न किए जाने की शिकायत एससी-एसटी आयोग से की। आयोग के निर्देश के बाद बीएचयू प्रशासन ने नियमों के अनुपालन की प्रक्रिया शुरू की।
विज्ञापन
डिमोशन से प्रभावित नर्सिंग ऑफिसरों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 27 मई 2026 को दोबारा पदोन्नति समिति (प्रमोशन कमेटी) की बैठक बुलाई। इसके आधार पर 22 जून को नई पदोन्नति सूची जारी की गई, जिसमें पहले पदोन्नत किए गए सामान्य और ओबीसी वर्ग के 37 नर्सिंग ऑफिसरों का डिमोशन कर दिया गया। नर्सिंग ऑफिसरों का कहना है कि पिछले एक महीने में उन्होंने कई बार कुलपति, कुलसचिव समेत अन्य अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले में 14 जुलाई को सुनवाई की तिथि निर्धारित है। याचिकाकर्ताओं को न्याय मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन