गंगा सेवकों का जनता से सवाल: यह गंगा की पूजा है या उस पर अत्याचार ? नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Mon, 30 Jan 2023 01:02 PM IST
सार
अभियान का नेतृत्व कर रहे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि मां गंगा सहित अन्य गंगा की सहायक नदियों में लोग अपने घर की बासी पूजा सामग्री, साड़ियां / कपड़े, ईश्वर की पुरानी तस्वीर भी डाल देते हैं। यह गंगा की पूजा है या उस पर अत्याचार ? वस्तुतः नदी की पूजा का अर्थ केवल घंटा बजाना नहीं, वरन उसकी सफाई है।
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गंगा सेवकों का जनता से सवाल: यह गंगा की पूजा है या उस पर अत्याचार ?
- फोटो : अमर उजाला