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Court News : आंतरिक संस्थागत कोटा खत्म..., BHU व आयुष मंत्रालय से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Sat, 08 Feb 2025 03:13 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sat, 08 Feb 2025 03:13 AM IST
सार
बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में 2017-2022 शैक्षणिक सत्र में अपना बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी कोर्स पूरा करने वाले छह स्टूडेंट द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया है।
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BHU
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Allahabad Highcourt : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आयुर्वेद संकाय के पीजी पाठ्यक्रमों में आंतरिक संस्थागत कोटा खत्म करने पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और आयुष मंत्रालय से जवाबी हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
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याचिका पर अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सर्राफ और न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित की खंडपीठ ने कृष्ण लाल गुप्ता व पांच अन्य की याचिका पर दिया।
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याचिका में बीएएमएस के छात्रों ने पीजी पाठ्यक्रम के आंतरिक संस्थागत कोटा की सीटों को अखिल भारतीय कोटा में बदलने और आयुष पीजी पाठ्यक्रमों में आंतरिक कोटा के तहत केवल एक बार आवेदन करने के नियम को चुनौती दी है।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि याचिका दाखिल करने के बाद आयुष मंत्रालय ने आयुष पीजी कोर्स में आंतरिक कोटे के तौर पर 25 आरक्षित सीटों को अखिल भारतीय कोटा (ओपन कैटेगरी) में बदल दिया है। यह विधि विरुद्ध है।
देश के अन्य किसी भी संस्थान में आंतरिक कोटे में पीजी प्रवेश में सिर्फ एक अवसर देने का प्रतिबंध नहीं है। बीएचयू के अन्य विभागों में भी आंतरिक कोटा सीटों के लिए दो अवसर दिए जाते है। कोर्ट ने याचियों का पक्ष सुनने के बाद बीएचयू से जवाब मांगा है।