वाराणसी जिला अस्पताल में निरीक्षण मामला: सीएमएस बोले- मैं भी एक अधिकारी, सीएमओ क्या कर रहे हैं, मुझसे कोई मतलब नहीं
बीते मंगलवार को सीएमओ ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तो कई चिकित्सक गैरहाजिर मिले। तब उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को अनुपस्थित कर उपस्थिति पंजिका की फोटोकॉपी भी ले ली थी। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने सीएमओ की इस कार्रवाई को उनके पद और अधिकार के विपरीत बताया था।
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वाराणसी के दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में सीएमओ के निरीक्षण के बाद डीएम को रिपोर्ट देने पर सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बुधवार को कहा कि सीएमओ क्या कर रहे हैं, मुझसे कोई मतलब नहीं है। मैं भी एक अधिकारी हूं और एक अधिकारी के तौर पर अपनी जिम्मेदारी को भली भांति समझता हूं। इस मामले में जो भी जांच होगी, उसमें जब जवाब मांगा जाएगा तो उसे देंगे।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने मंगलवार को ओपीडी में निरीक्षण कर चिकित्सकों, अस्पताल के अन्य विभागों में अनुपस्थित रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को अनुपस्थित कर उपस्थिति पंजिका की फोटोकॉपी भी ले ली थी। इसके बाद चिकित्सकों ने सीएमएस से मिलकर इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जाहिर की थी।
मैं हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार
सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने सीएमओ की इस कार्रवाई को उनके पद और अधिकार के विपरीत बताया था, वहीं बुधवार को सीएमओ द्वारा डीएम को रिपोर्ट देने के मामले में बातचीत में सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने कहा कि अब अगर मामले में कोई पूछताछ होती है तो उसका जवाब देने के लिए तैयार हूं। मेरे अस्पताल आने का कोई निर्धारित समय नहीं है। सुबह आने के साथ ही रात तक रुकना पड़ता है। अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की दिशा में लगातार चिकित्सकों, कर्मचारियों को समय से आने की चेतावनी दी जा रही है।
सीएमओ बोले- डीएम के निर्देश पर किया निरीक्षण
निरीक्षण के बाद सीएमएस की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर सीएमओ ने बताया कि उन्होंने डीएम के निर्देश पर ही अस्पताल में निरीक्षण किया। दौरे के बाद रिपोर्ट भी डीएम को सौंप दी है। अब डीएम का जो निर्देश होगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने कहा कि मैंने कहीं से भी पद और अधिकार का कोई दुरुपयोग नहीं किया। चिकित्सकों के समय से ओपीडी में आने को लेकर समय-समय पर दिशा निर्देश जारी किया जाता रहा है, इसके बाद भी कोई पालन नहीं हो पा रहा है।
अस्पताल में अंधेरा, मोबाइल की रोशनी में जांच
दीनदयाल अस्पताल में बुधवार को दोपहर में बिजली गुल हो जाने की वजह से अस्पताल परिसर में अंधेरा छा गया। पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी हाल, जांच केंद्र सहित अस्पताल के वार्डों में भी इस दौरान कामकाज ठप हो गया। जांच केंद्र पर तैनात कर्मचारियों ने किसी तरह मोबाइल की रोशनी में जांच रिपोर्ट लिखना शुरू किया।
उधर अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने इसकी जानकारी चाही तो सही जानकारी नहीं मिल सकी। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बताया कि पैनल में खराबी होने की वजह से ही करीब आधे घंटे तक बिजली गुल रही, फिर आपूर्ति बहाल हो गई।
इमरजेंसी में नहीं आ सकी ईसीजी मशीन
मंगलवार को सीएमओ ने प्रथम तल पर चलने वाली ईसीजी की व्यवस्था को भूतल पर इमरजेंसी में कराने का निर्देश दिया था, इसके बाद भी उसका पालन नहीं हो सका। ईसीजी मशीन बुधवार को भी प्रथम तल पर ही पड़ी रही। सीएमओ ने बताया कि इमरजेंसी में 24 घंटे ईसीजी शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत होगी। लोगों को तुरंत जांच की सुविधा मिल सकेगी।