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नवाचार:50 लोग नौकरी छोड़ कर रहे खेती, 500 को दे रहे रोजगार, जानिए पूरी कहानी

Tue, 16 Jul 2024 04:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2024 04:24 AM IST
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Innovation: 50 people are leaving their jobs in farming, giving employment to 500, know the whole story
धीरे-धीरे लोगों ने फिर से जमीन से जुड़ना शुरू कर दिया है। बड़े शहरों की चकाचौंध भरी जिंदगी छोड़ जिले के 50 से अधिक लोग किसानी की ओर वापस लौट आए हैं। उन्होंने खेती में उन्नत किस्म के बीज और तकनीक प्रयोग कर अपना जीवन संवारा है। इसके साथ ही करीब 500 लोगों को रोजगार भी दिया है। इसमें पुरुष के साथ ही महिलाएं भी हैं। मेहनत और लगन के दम पर आज ये लोग आज समाज के प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
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18 हजार की नौकरी छोड़ी, आठ लाख सालाना कमा रहे
डीघ ब्लाॅक के जगापुर मिश्रान गांव निवासी किसान दीपक कुमार मिश्र ने साल 2012 में एक प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी शुरू की। 18 हजार के मानदेय में मन नहीं लगा। गांव वापस लौट आए। आज वे सात से आठ लाख सालाना कमा रहे हैं। इसके साथ ही 15 महिलाओं सहित 25 लोगों को रोजगार दे रहे हैं।
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बताया कि वर्तमान में आठ एकड़ में मिर्च, बैगन, टमाटर, पेठा वाली लौकी की खेती कर रहे हैं। कम लागत पर अच्छा मुनाफा हो रहा है।
8 साल पहले नौकरी छोड़ी, 20 लोगों को रोजगार दे रहे
जिला मुख्यालय से पांच किमी दूर स्थित भिड़िउरा गांव के किसान सुभाष दूबे फाइनेंस कंपनी में एरिया मैनेजर थे। साल 2016 में नौकरी छोड़ दी। घर आने पर परिवार वालों ने खरी-खोटी सुनाई। उसके बाद उन्होंने कृषि विभाग से नई-नई जानकारी लेकर दो बीघे में मिर्च-टमाटर की खेती शुरू की। धीरे-धीरे मन लगा तो आठ से नौ बीघे में मौसमी सब्जियों की खेती करनी शुरू की। अब वह टमाटर, मिर्च, र्बैगन के साथ ही तरबूज, खरबूज की खेती कर रहे हैं। हर महीने 60 से 70 हजार बचत करने के साथ ही 15 से 20 लोगों को रोजगार भी दिया है।
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स्मार्ट खेती कर उगा रहे मिर्च और टमाटर
ब्लॉक क्षेत्र के घाटमपुर के किसान अरविंद मौर्य स्मार्ट खेती के दम पर सालाना सात से आठ लाख रुपये कमा रहे हैं। वे 2013 में नौकरी छोड़कर गांव आए। यहां खेती-किसानी में ऐसे रम गए कि अब दूसरों को रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने मिर्च, टमाटर, स्ट्राॅबेरी, तरबूज और खरबूजे की खेती शुरू की। पैदावार भी खूब हुई और बाजार मिल गया तो फसलों के दाम भी अच्छे मिलने लगे। आज वे आधुनिक तकनीक अपना कर अच्छी रकम कमा रहे हैं। अरविंद मौर्य का कहना है कि अगर किसान स्मार्ट तरीके से खेती करें तो उनकी आय कई गुना बढ़ जाएगी। बशर्ते स्मार्ट खेती की जानकारी होनी चाहिए।

बताया कि 2013 में 10 बिस्वा खेत लेकर स्मार्ट कृषि की शुरुआत की थी और आज वह 6 एकड़ में खेती करते हैं। वह अपने खेतों में सिर्फ नकदी फसलों को ही उगाना पसंद करते हैं। जैसे कि टमाटर, मिर्च, स्ट्रॉबेरी, खरबूज और तरबूज शामिल है। साल भर में चार फसलें उगाते हैं।
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