फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Initiative to enrich farmers through bamboo cultivation

बांस की खेती के जरिये किसानों को समृद्ध करने की पहल

Mon, 28 Dec 2020 11:23 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2020 11:23 PM IST
विज्ञापन
Initiative to enrich farmers through bamboo cultivation
नगवां ब्लॉक के तेनूडाही में बास की खेती। - फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। नेशनल बंबू मिशन के तहत बांस की खेती के जरिये जिले के किसानों को समृद्ध बनाने की वन विभाग ने पहल की है। बांस की मांग अधिक होने के कारण इसकी खेती काफी लाभदायक है। सोनभद्र वन प्रभाग ने इस योजना के तहत नौ हेक्टेयर वन क्षेत्र में खेती कराई है। इसके अलावा किसानों की पांच हेक्टेयर जमीन पर बांस के पौधे रोपे गए हैं।
विज्ञापन

बांस के बने सामान की बाजार में अच्छी मांग है। बांस के सामान की प्रदर्शनी भी समय-समय पर लगती है। इस कारण बांस से बने उत्पादों की तरफ लोगों का रुझान रहता है। इसको देखते हुए वन विभाग बांस की खेती को बढ़ावा दे रहा है। सरकार ने इसके लिए नेशनल बंबू मिशन शुरू किया है। इसके तहत सोनभद्र और रेणुकूट वन प्रभाग क्षेत्र में बांस की खेती कराई जा रही है।
विज्ञापन

सोनभद्र वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि विभाग ने नौ हेक्टेयर में बांस की खेती कराई है। एक हेक्टेयर वन क्षेत्र में करीब सवा छह सौ बांस के पौधे लगाए गए हैं। इसी तरह किसानों की पांच हेक्टेयर जमीन पर बांस के पौधे लगाए गए हैं। किसानों को प्रति हेक्टेयर पौने चार सौ से सवा चार सौ बांस के पौधे लगवाने हैं। डीएफओ ने बताया कि सोनभद्र वन प्रभाग में अन्य पांच हेक्टेयर जमीन पर बांस की खेती होनी है। उधर, प्रभागीय वनाधिकारी रेणुकूट एमपी सिंह ने बताया कि क्षेत्र के बभनी रेंज में विभाग की ओर से वन क्षेत्र की भूमि पर 13 हजार बांस के पौधे रोपे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
किसानों को मिलती है सब्सिडी
सोनभद्र। डीएफओ संजीव सिंह ने बताया कि किसानों को बांस की खेती पर सब्सिडी देने की व्यवस्था की गई है। किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये सब्सिडी दी जाती है। यह सब्सिडी तीन साल में किस्तों में दी जाती है। पहले साल 50 प्रतिशत, दूसरे साल 30 प्रतिशत और तीसरे वर्ष 20 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। इसको लेकर किसान जागरूक हैं। कई किसानों ने काम करने की इच्छा जाहिर की है।

---
एक बार लगेगी लागत, फिर लाभ ही लाभ
सोनभद्र। बांस की खेती में प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की लागत आती है। बांस तीन साल में बेचने योग्य हो जाते हैं। बिक्री करने पर प्रति हेक्टेयर 30 हजार रुपये मिलते हैं। एक बार फसल तैयार होने के बाद फिर लागत नहीं लगती। क्योंकि कटाई के बाद फिर बांस बढ़ने लगते हैं। सिर्फ समय-समय पर कटाई-छंटाई की जरूरत पड़ती है। इसमें एक बार की लागत पर हमेशा लाभ होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed