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Varanasi: जून में बनारस देश को देगा कचरे से कोयला बनाने का प्लांट, मानकों के अनुरूप हो रहा परीक्षण

Thu, 05 Jan 2023 05:26 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 05 Jan 2023 05:26 AM IST
सार

प्लांट शुरू होने पर प्रति दिन 600 टन कचरे से 200 टन कोयले का उत्पादन हो सकेगा। कचरे से कोयला बनाने वाला यह देश का पहला प्लांट होगा। 

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Indias First Waste To Coal Plant To Be Ready In Ramna Varanasi till june 2023
वाराणसी के रमना में कचरे से कोयला बनाने का प्लांट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धर्म-संस्कृति के लिए विख्यात बनारस अब देश को कचरे से कोयला बनाने का मंत्र भी देगा। कचरे से कोयला बनाने का पहला प्लांट बनारस के रमना में निर्माणाधीन है।  प्लांट की एक इकाई को जून तक शुरू करने की कवायद में नगर निगम जुटा है। इकाई में एनटीपीसी के मानकों के अनुरूप तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है।

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प्लांट शुरू होने पर प्रति दिन 600 टन कचरे से 200 टन कोयले का उत्पादन हो सकेगा। कचरे से कोयला बनाने वाला यह देश का पहला प्लांट होगा। इसका निर्माण एनटीपीसी की ओर से कराया जा रहा है। प्लांट में कचरे से कोयला बनाया जाएगा। इसका सफल परीक्षण अक्तूबर 2022 में हो चुका है।

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कंपनियों को बेचा जाएगा कोयला

इसके बाद एनटीपीसी तय मानकों पर प्लांट की एक इकाई का तकनीकी परीक्षण कर रहा है। जून माह के अंत तक प्लांट की पहली इकाई शुरू की जाएगी। उत्पादन के बाद कोयले को आसपास के जिलों में संबंधित कंपनियों को बेचा जाएगा। वाराणसी में आम दिनों में प्रतिदिन 600 टन तथा खास मौकों पर 800 टन तक कचरा निकलता है।

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बड़ी ट्रकों से इसे शहर के बाहर कूड़ा निस्तारण प्लांटों तक पहुंचाया जाता है। प्लांट को शुरू करने का दिसंबर 2023 तक का लक्ष्य है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता अजय राम ने कहा कि प्लांट की एक इकाई को शुरू करने की कवायद में एनटीपीसी की टीम जुटी है। अक्तूबर में कोयला बनाने के सफल परीक्षण के बाद से प्लांट की एक इकाई को शुरू करने के लिए तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है।

प्रोजेक्ट सफल रहा तो अन्य प्रदेशों में भी प्लांट लगेगा

तीन साल के ट्रायल पर यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो अन्य प्रदेशों में भी प्लांट लगाया जाएगा। प्लांट निर्माण आगामी 25 साल को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। प्लांट की क्षमता आठ सौ टन से अधिक कचरा प्रसंस्करण की होगी। 

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