जापान के तोयो विश्वविद्यालय में तोयो-बीएचयू शोध छात्र गोलमेज सम्मेलन में दोनों विवि के शोध छात्रों ने बढ़चढ़कर भागीदारी की। इस दौरान वक्ताओं ने वर्तमान समय में ओरिएंटल स्टडीज(एशिया और पूर्वी देशों की भाषा, संस्कृति, इतिहास, धर्म और समाज का अध्ययन) के मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ओरिएंटल स्टडीज के क्षेत्र में शोध छात्रों की भागीदारी बढ़ती जा रही है।
तोयो विश्वविद्यालय जापान के हाकुसान परिसर में कार्यक्रम हाइब्रिड मोड पर हुआ। इसमें जापानी प्रतिभागियों ने तोयो विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्यक्ष रूप से प्रस्तुतियां दीं जबकि बीएचयू के पालि और बौद्ध अध्ययन विभाग के छात्र ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। शुभारंभ तोयो विवि से केंजी ताकाहासी ने किया। बीएचयू के अरुण कुमार यादव ने ओरिएंटल स्टडीज के विकास में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को उपयोगी बताया। सम्मेलन में तोयो विवि के अमी मातुस्कुरा ने महाभारत के स्वर्गारोहण पर्व में मायावी नरक विषय पर बात रखी जबकि रिनो योकोई ने महाभारत में मद्यपान के उपभोग का वर्णन और सामाजिक दृष्टिकोण पर चर्चा की। बीएचयू का प्रतिनिधित्व करते हुए त्सेवांग चोस्टेन ने थेरवाद बौद्ध धर्म में लोक की अवधारणा बताई। समापन बीएचयू की त्सेवांग लामो की ओर से बौद्ध परंपरा: दर्शन, साधना और मुक्ति विषय पर चर्चा के साथ हुआ।