ओम प्रकाश जायसवाल के कई प्रतिष्ठानों पर आयकर का छापा: सुबह से देर रात तक चलती रही कार्रवाई, करोड़ों की कर चोरी की आशंका
आयकर विभाग की टीम के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि शुरुआती जांच में करोड़ों की कर चोरी का मामला प्रकाश में आया है। व्यापक जांच पड़ताल के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विस्तार
आयकर विभाग की टीम ने सुबह आठ बजे ओम प्रकाश जायसवाल और उनके परिवार से जुड़े लोगों के जौनपुर के शाहगंज और वाराणसी स्थित आवासों और होटल, फैक्ट्री सहित कई प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। दोनों जगह सुबह आठ बजे शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक जारी रही। टीम ने पहुंचते ही लोगों के बाहर जाने और अंदर आने पर पाबंदी लगा दी।
24-25 गाड़ियों के साथ अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही आयकर विभाग की टीम में सुरक्षा कर्मी सहित 100 से ज्यादा लोग शामिल थे। प्रमुख रूप से जेसीज चौक स्थित आवास, आजमगढ़ रोड स्थित फार्म हाउस के साथ गल्ला मंडी स्थित कार्यालय, सीसी रोड स्थित फ्लोर मिल सहित उनके परिवार से जुड़े लोगों के होटल फैक्ट्री व अन्य प्रतिष्ठानों से नकदी, कागजात, कंप्यूटर व अन्य दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया।
उनकी भयोहू व नगर पालिका अध्यक्ष गीता जायसवाल और उनके पति प्रदीप जायसवाल से भी घंटों पूछताछ की गई। साथ ही उन्हें लेकर रात आठ बजे जेसीज चौराहे स्थित उनके आवास पर पहुंची। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में ओमप्रकाश जायसवाल ने भाजपा के टिकट पर शाहगंज विधानसभा से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे।
वहीं वाराणसी में भी शराब कारोबारी के चार भाइयों में से एक के नाटी इमली स्थित आवास, मलदहिया में उनके सीए के कार्यालय पर सुबह छापा मारा गया। यहां भी सभी के मोबाइल जब्त कर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। टीम ने इस दौरान उनकी फैक्ट्री और होटल के क्रय-विक्रय रिकार्ड के साथ बैंक खाते, जमीनों की खरीददारी के कागजात के साथ कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क भी कब्जे में ले ली हैं।
बताया जा रहा है कि प्रधान आयकर आयुक्त वाराणसी सुनील माथुर के नेतृत्व में आयकर विभाग की टीम कार्रवाई कर रही है। टीम में वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, आजमगढ़ सहित कुछ और जिले के अधिकारी शामिल हैं। जिनकी दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है।
पहली शिफ्ट में अधिकारियों ने सुबह आठ से शाम सात बजे तक कार्रवाई की। इसके बाद दूसरी शिफ्ट के अधिकारियों को लगाया गया। टीम के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि शुरुआती जांच में करोड़ों की कर चोरी का मामला प्रकाश में आया है। व्यापक जांच पड़ताल के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उधर पूर्व चेयरमैन व उनके परिवार के लोगों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो सका। आयकर विभाग की टीम के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि शुरुआती जांच में करोड़ों की कर चोरी का मामला प्रकाश में आया है। व्यापक जांच पड़ताल के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ओमप्रकाश की है राजनीति में ऊंची पहुंच
शराब कारोबारी से नेता बने ओमप्रकाश जायसवाल ने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया। वहीं, उनके भाई प्रदीप जायसवाल नगर पालिका शाहगंज के मनोनीत सभासद होने के साथ ही भाजपा के नगर अध्यक्ष हैं। जबकि खुद ओम प्रकाश जायसवाल रामलीला समिति के संरक्षक हैं। इसके अलावा सरस्वती शिशु मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर, आरएसएस समेत गोशाला आदि से जुड़े हैं।
खेतासराय कस्बे के मुख्य मार्ग पर स्थित गोला बाजार खरीदने के बाद वह एक बार फिर चर्चाओं में आ गए थे। जिसकी कीमत 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का बताई जाती है। बताया कि खेतासराय गोला निवासी एक व्यवसायी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इसकी शिकायत की थी। इसे भी कुछ लोग कार्रवाई की कड़ी से जोड़ कर देख रहे हैं।
जौनपुर जिले में हैं कई हैं दुकानें
ओम प्रकाश की पहले 40 से अधिक शराब की दुकानें थी। इसके अलावा शराब गोदाम भी था। हालांकि इस समय दुकानों की संख्या काफी कम हो गई है। इन दुकानों की बिक्री का पैसा ओमप्रकाश के शाहगंज स्थित फार्म हाउस पर बने ऑफिस में जमा होता था। हालांकि बुधवार को बकरीद के चलते बैंक बंद रहने के चलते पैसा बैंक में जमा नहीं हो पाया था।
ओमप्रकाश जायसवाल व भाई प्रदीप जायसवाल को पुलिस ने दो सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराए हैं। पत्नी माधुरी जायसवाल के जिला पंचायत सदस्य पद पर हार के बाद ओम प्रकाश ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राज करन नैय्यर से जान माल की सुरक्षा हेतु सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराने की गुहार लगाई थी। जिसके बाद मई माह में दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।