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नोटबंदी में धन खपाने वाले बच नहीं पाएंगे, आयकर विभाग का नया पैंतरा

Tue, 23 May 2017 05:18 PM IST
ब्यूरो,वाराणसी,अमर उजाला
ब्यूरो,वाराणसी,अमर उजाला Updated Tue, 23 May 2017 05:18 PM IST
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income tax department enqire credits and debits during demonitisation
आयकर विभाग
नोटबंदी के दौरान आय से अधिक खातों में रुपये जमा करने वाले खाताधारक अब बच नहीं पाएंगे। आयकर विभाग ने नया पैंतरा चल दिया है। 
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ऐसे खाताधारकों की जांच आयकर विभाग ने तेज कर दी है। इसमें बनारस कार्यालय से जुड़े 19 जिलों के ढाई लाख खातों की जांच चल रही है।

इनमें भी 15 हजार खातों पर आयकर विभाग की खास नजर है। शिकायत है कि इन खातों में आय से बहुत अधिक धन जमा किया गया है।
आयकर विभाग ने इन खातों की जांच के लिए अलग-अलग टीमें भी गठित की हैं। सूत्रों का कहना है कि बड़े आभूषण कारोबारी, उद्यमी, व्यापारी आदि भी जांच के दायरे में हैं।

जांच के दौरान जिन खातों में गड़बड़ियां मिलीं उन पर कार्रवाई भी की जा रही है। आयकर विभाग वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती में आभूषण कारोबारी, कपड़ा व्यापारी और खली-चूनी व्यवसायी समेत एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर सर्वे और छापेमारी की कार्रवाई भी कर चुका है।
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इस दौरान पांच से 21 करोड़ रुपये तक आय से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है। विभाग के वाराणसी कार्यालय से 19 जिले जुड़े हैं।

इनमें बनारस, चंदौली, संत रविदास नगर, जौनपुर, सुल्तानपुर, गोरखपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, कु़शीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, इलाहाबाद, गाजीपुर, सोनभद्र, फतेहपुर, मिर्जापुर शामिल हैं।
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सोनभद्र में नोटबंदी के दौरान जमा हुए 28 करोड़ रडार पर

income tax department enqire credits and debits during demonitisation
अायकर विभाग
सोनभद्र में  चंद बड़े खनन कारोबारियों ने नोटबंदी के बाद 28 करोड़ के पुराने नोट बैंक में जमा किए थे। यह धनराशि संदेह के दायरे में है। आयकर विभाग ने भारी-भरकम राशि जमा करने वालों की जांच शुरू कर दी है। यूपी और उत्तराखंड के आयकर महानिदेशक (जांच) आशु जैन के 2019 तक संदिग्ध लेन-देन वाले बैंक खातों की जांच संबंधी बयान ने काली कमाई खपाने वालों के होश उड़ा दिए हैं।  

 आठ नवंबर की रात 12 बजे के बाद से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने की घोषणा के बाद खनन कारोबारी चालान के नाम पर बड़ी धनराशि एसबीआई की राबर्ट्सगंज स्थित सब ट्रेजरी में जमा कराने पहुंचे।

500 और एक हजार रुपये के नोट में इस बड़ी धनराशि को बैंककर्मियों ने नियमों का हवाला देकर जमा करने से इन्कार कर दिया। दूसरे दिन कारोबारियों ने चोपन के इलाहाबाद बैंक स्थित सब ट्रेजरी में पुराने नोट जमा कराने का आदेश जारी करा लिया।

इसके बाद चोपन स्थित इलाहाबाद बैंक की सब ट्रेजरी में आठ नवंबर से 31 दिसंबर, 2016 तक दो करोड़ से लेकर पौने सात करोड़ रुपये तक जमा कराए हैं। नोटबंदी के बाद 11 नवंबर को एक ही दिन में छह करोड़ 86 लाख रुपये जमा हुए।  नोटबंदी के दौरान आमतौर पर जमा राशि से दो से तीन गुना धन जमा करने वाले आयकर विभाग के राडार पर हैं। 
 
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