IIT BHU में डीआरडीओ सेंटर: चेयरमैन डॉ. कामत बोले- रक्षा उपकरणों के मामले में अमेरिका-चीन के बराबर होगा भारत
12वें दीक्षांत समारोह के साथ ही आईआईटी बीएचयू में शुक्रवार को डीआरडीओ के एक्सीलेंस सेंटर का उद्घाटन डीआरडीओ के चैयरमेन डॉ. समीर वी कामत ने किया। उन्होंने कहा कि रक्षा उपकरणों और अत्याधुनिक हथियारों के मामले में भारत आने वाले वर्षों में सबसे आगे होगा।
विस्तार
आईआईटी बीएचयू में शुक्रवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक्सीलेंस सेंटर का उद्घाटन हुआ। बतौर मुख्य अतिथि डीआरडीओ के चैयरमेन डॉ. समीर वी कामत ने कहा कि देश के 15 शिक्षण संस्थानों में ऐसे सेंटर खोले गए हैं। इसके माध्यम से रचनात्मक और संरचनात्मक टेक्नालॉजी को विकसित करेंगे।
उन्होंने कहा कि रक्षा उपकरणों और अत्याधुनिक हथियारों के मामले में अमेरिका और चीन तो हमसे आगे हैं। लेकिन उम्मीद है कि आने वाले 10-15 वर्षो में भारत उनके बराबर होगा। उन्होंने कहा कि पहले हम केवल आयात करते थे। लेकिन इस साल दो बिलियन का निर्यात हुआ है।
पूर्वांचल का यह पहला डीआरडीओ सेंटर
डीआरडीओ चैयरमेन डॉ. समीर वी कामत ने कहा कि पूर्वांचल का यह पहला सेंटर है। उन्होंने कहा कि आईआईटी बीएचयू नई टेक्नालॉजी बनाएगा और इसे डीआरडीओ अपने सिस्टम में उपयोग करेगा। उन्होंने बताया कि इस सेंटर में माइक्रोवेव टेक्नालॉजी पर काम होगा। बताया कि अभी डीआरडीओ के 41 लैब हैं। इनमें से पांच ऐसे हैं जिसमें निदेशक से लेकर सभी वैज्ञानिक 35 साल के उम्र के हैं।
आपकी ही वजह से तेजस की दुनिया में अलग पहचान
आईआईटी बीएचयू में 12वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि डीआरडीओ के चैयरमेन डॉ. समीर वी कामत ने मेधावियों को स्वर्ण पदक से नवाजा। कुल 66 टॉपरों को 108 मेडल दिए गए। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए डीआरडीओ के चेयरमैन ने कहा कि आईआईटी बीएचयू में डीआरडीओ का एक्सीलेंस सेंटर बन चुका है। यहां पर डीआरडीओ की एक लैब भी होगी। उन्होंने आईआईटी के स्नातकों से डीआरडीओ से जुड़ने का आह्वान किया। कहा कि आप भविष्य की शक्ति हैं। कहा, मेरे पैर में चोट लगी है। लेकिन, आपसे मिलने का मोह ऐसा था कि चोट के बावजूद मैं यहां आया।
दीक्षांत भाषण के दौरान चेयरमैन ने लड़ाकू विमान तेजस की चर्चा की। आईआईटी बीएचयू के मेंबर ऑफ बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की ओर इशारा करते हुए कहा कि आपकी वजह से तेजस को दुनिया भर में पहचान मिली। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा निर्यात में तेजी लाएगा। वर्ष 2000 की बात है, जब चीन रक्षा हथियारों का 90 फीसदी तक निर्यात करता था। लेकिन, आज स्थिति बदली है। आने वाले दिनों में भारत रक्षा हथियारों का आयातक देश बनेगा।
काशी विश्वनाथ का करेंगे दर्शन-पूजन
मीडिया से बातचीत में डीआरडीओ के चेयरमैन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि धर्म और विज्ञान अलग-अलग है। हर एक आदमी की सोच अलग-अलग होती है। सबकी अपनी मान्यता है। किसी को ये सही है, ये गलत है ऐसा नहीं कहना चाहिए। इसरो प्रमुख के मंदिर जाने के सवाल पर कहा कि उन्होंने कहा कि मैं भी काशी विश्वनाथ दर्शन-पूजन करने जाऊंगा।