{"_id":"600b2c6f8ebc3e2ecf239fe7","slug":"ims-bhu-will-not-get-fellowship-without-examination-now-varanasi-news-vns570675298","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएमएस बीएचयू में अब बिना परीक्षा नहीं मिलेगी फेलोशिप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएमएस बीएचयू में अब बिना परीक्षा नहीं मिलेगी फेलोशिप
विज्ञापन
वाराणसी। आईएमएस बीएचयू में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों से जुड़ी अहम खबर है। अब संस्थान में नई फेलोशिप पाने के लिए परीक्षा देनी पड़ेगी। परीक्षा में नियमानुसार परिणाम के आधार पर फेलोशिप का फैसला किया जाएगा। आईएमएस बीएचयू के विभागों मेें फेलोशिप के लिए अब तक इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी। नई व्यवस्था को इसी सत्र से लागू करने की तैयारी है। परीक्षा का प्रारूप क्या होगा, कितने नंबर का होगा। इस व्यवस्था को लेकर आईएमएस में शनिवार को होने वाली आकस्मिक बैठक में इस पर मंथन होना है।
आईएमएस बीएचयू में करीब सात-आठ ऐसे विभाग हैं, जिनके माध्यम से अलग-अलग फेलोशिप दी जाती है। अब तक फेलोशिप की कोई केंद्रीयकृत व्यवस्था न होने की वजह से इस बारे में संकाय स्तर पर सही जानकारी मिलने में परेशानी होती थी। विभागवार दी जाने वाली फेलोशिप को अब एक जगह करने की व्यवस्था की जा रही है। अब तक विभागों में बनाए गए नियमों के हिसाब से फेलोशिप का फैसला होता था। मेडिसिन फेकेल्टी के डीन प्रो. बीके दास ने अब नई व्यवस्था को लेकर फैकेल्टी स्तर की आकस्मिक बैठक बुलाई है। बताया कि संकाय स्तर पर शनिवार को फैसले के बाद गवर्निगिं बॉडी में मामला जाएगा और फिर यहां से एकेडमिक काउंसिल में भी इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। यहां के बाद नियमानुसार इस प्रस्ताव को एक्जीक्यूटिव काउंसिल में भी रखा जाएगा। पहले से फेलोशिप पाने वालों पर परीक्षा देने संबंधी व्यवस्था नहीं लागू होगी।
क्या होगी नई व्यवस्था
आईएमएस के विभागों में फेलोशिप के नए प्रस्तावों के लिए अब नियमानुसार एक साथ विज्ञापन निकाले जाएंगे। एक ही दिन प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। 50 सवालों का पेपर होगा। इसमें पास होने वालों के बारे में फैसला होगा। बताया कि बीएचयू से बाहर भी फेलोशिप पाने के लिए एमडी, एमएस करने वाले आवेदन कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
आईएमएस बीएचयू में करीब सात-आठ ऐसे विभाग हैं, जिनके माध्यम से अलग-अलग फेलोशिप दी जाती है। अब तक फेलोशिप की कोई केंद्रीयकृत व्यवस्था न होने की वजह से इस बारे में संकाय स्तर पर सही जानकारी मिलने में परेशानी होती थी। विभागवार दी जाने वाली फेलोशिप को अब एक जगह करने की व्यवस्था की जा रही है। अब तक विभागों में बनाए गए नियमों के हिसाब से फेलोशिप का फैसला होता था। मेडिसिन फेकेल्टी के डीन प्रो. बीके दास ने अब नई व्यवस्था को लेकर फैकेल्टी स्तर की आकस्मिक बैठक बुलाई है। बताया कि संकाय स्तर पर शनिवार को फैसले के बाद गवर्निगिं बॉडी में मामला जाएगा और फिर यहां से एकेडमिक काउंसिल में भी इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। यहां के बाद नियमानुसार इस प्रस्ताव को एक्जीक्यूटिव काउंसिल में भी रखा जाएगा। पहले से फेलोशिप पाने वालों पर परीक्षा देने संबंधी व्यवस्था नहीं लागू होगी।
विज्ञापन
क्या होगी नई व्यवस्था
आईएमएस के विभागों में फेलोशिप के नए प्रस्तावों के लिए अब नियमानुसार एक साथ विज्ञापन निकाले जाएंगे। एक ही दिन प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। 50 सवालों का पेपर होगा। इसमें पास होने वालों के बारे में फैसला होगा। बताया कि बीएचयू से बाहर भी फेलोशिप पाने के लिए एमडी, एमएस करने वाले आवेदन कर सकेंगे।
विज्ञापन