IMS BHU: एक ही परिवार के तीन लोगों को नौकरी, कई के दस्तावेज पर भी सवाल; कुलपति तक पहुंची छह पेज की शिकायत
Varanasi News: आईएमएस बीएचयू में नियुक्तियों को लेकर विवाद गहरा गया है। एक ही परिवार के तीन लोगों को नौकरी मिलने और कई अभ्यर्थियों के दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए छह पेज की शिकायत कुलपति तक पहुंची है। शिकायत में कंप्यूटर स्किल्ड वर्कर, कंप्यूटर प्रोफेशनल, एसी मैकेनिकल, बॉडी लिफ्टर समेत 22 पदों पर हुई नियुक्तियों की जांच की मांग की गई है।
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IMS BHU: आईएमएस-बीएचयू में हाल ही में आउटसोर्सिंग के माध्यम से 22 पदों पर हुई नियुक्तियों पर सवाल उठने लगे हैं। भर्ती प्रक्रिया को लेकर कुलपति को भेजी गई छह पेज की शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार एक ही परिवार के तीन सदस्यों (एक भाई और दो बहनों) को नौकरी दी गई है।
इसके अलावा तकनीकी कौशल से जुड़े कई पदों पर न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल होने के बावजूद फेल अथवा ग्रेस अंक के आधार पर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के चयन का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। आईएमएस-बीएचयू में आउटसोर्सिंग मद से कंप्यूटर स्किल्ड वर्कर, कंप्यूटर प्रोफेशनल, एसी मैकेनिकल, बॉडी लिफ्टर, ऑडियोमेट्री एवं स्पीच थेरेपी, ओटी टेक्नीशियन सहित 22 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
गोरखपुर निवासी प्रदीप ने ईमेल के माध्यम से कुलपति को शिकायत भेजी है और उसकी प्रति भी संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की है। शिकायत के अनुसार एक ही परिवार के एक बेटे को कंप्यूटर स्किल्ड वर्कर (कुशल) पद पर नियुक्त किया गया है, जबकि उसकी दो बहनों को कंप्यूटर प्रोफेशनल (कुशल) पद पर तैनाती दी गई है। इसके अलावा बॉडी लिफ्टर पद, जिसकी न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल निर्धारित है, पर एक फेल अभ्यर्थी के चयन का आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि तीन अभ्यर्थियों का चयन ग्रेस अंक के आधार पर हाईस्कूल उत्तीर्ण होने के बावजूद किया गया है।
वर्जनगलत नियुक्तियों के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराया जाता है। आउटसोर्सिंग पदों पर हुई नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया एक निर्धारित समिति की निगरानी में संपन्न हुई है। यदि शिकायत के आधार पर कोई जांच या पूछताछ होती है तो उसका नियमानुसार जवाब दिया जाएगा। शिकायतों के माध्यम से संस्थान की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस