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दूसरों की सेहत की खातिर नहीं ली अपनों की सुधि

Mon, 04 May 2020 01:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2020 01:06 AM IST
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वाराणसी। दिन रात दूसरों की सेहत का फिक्र रखने वाली आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब की पोस्ट डॉक्टोरल छात्रा अपनों का ही ख्याल रखना भूल गई। यही वजह है कि उसके एक साल के बेटे और पिता भी कोरोना की जद में आ गए। अब तीनों का इलाज बीएचयू के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है। बात अगर आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब में कोरोना सैंपल की जांच करने वाली पोस्ट डॉक्टोरल छात्रा की करें तो चेतगंज थाना क्षेत्र के बाग बरियार निवासी छात्रा पिछले दो महीने से कोरोना के सैंपल की जांच कर रही थी। खुद के साथ-साथ बच्चे और घर वालों की सुरक्षा को देखते हुए वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी घर पर कर रही थी लेकिन घर के लोग भी संक्रमण से बच नहीं सके। जांच की व्यस्तता की वजह से ही लैब से घर जाने के बाद वह अपने पिता के साथ ही किसी तरह एक साल के बच्चे का देखभाल कर पाती थी। चार दिन पहले बेटे को बुखार आया तब जाकर उसे इसकी जानकारी हुई। कुछ दिन बाद उसे भी सर्दी खांसी हुई तो उसने अपनी जांच कराई तो रिपोर्ट का पता चला। अब जैसे ही उसे पता चला कि बेटा और पिता भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं तो वह चिंतित हो गई है लेकिन डाक्टरों की टीम उसका हौसला आफजाई कर रही है।
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संक्रमित 64 में संपर्क वाले है 46 मरीज
जिले में अब तक संक्रमित करोना के 64 मामलों में 50 से अधिक मामले लोगों के संपर्क में आने वालों के हैं। इसमें सर्वाधिक 18 मामले तबलीगी जमात में शामिल लोगों से जुड़े हैं। जबकि 13 मामले मड़ौली निवासी दवा कारोबारी के परिजनों और उसके संपर्क में आने वालों के हैं। इसके अलावा गंगापुर निवासी कपड़ा व्यापारी के घर के भी 3 सदस्य और पितरकुण्डा निवासी सुपारी व्यापारी के घर से भी 4 सदस्य, पुलिस के संपर्क में आने वाले 9 और अब पोस्ट डॉक्टोरल छात्रा के संपर्क में दो लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
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अगर कोई घर के बाहर किसी वजह से निकल भी रहा है तो उसे खुद के साथ साथ घर वालों की सेहत का भी ख्याल रखना चाहिए। विशेषकर अगर घर में बच्चे हैं तो ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ेगी। इसमें ऐसे लोग जो अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र या फिर किसी भी स्वास्थ्य सेवा से जुड़े हैं तो उन्हें कुछ अधिक ही सजग रहने की जरूरत है। इस समय मौसम भी बदल रहा है ऐसे में खुद के साथ बच्चे की देखभाल में कोई लापरवाही नही करनी चाहिए।
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-डॉ, सीपी गुप्ता,बाल रोग विशेषज्ञ, मंडलीय अस्पताल
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