फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Images of boats Ganges and ghats will now be visible on rooftops of Kashi

यूपी: काशी की छतें अब पूछेंगी आवा गुरु चाय पी ला..., दिखेंगी नावें, डॉल्फिन, गंगा और घाटों की तस्वीरें

Wed, 30 Sep 2026 02:15 PM IST
Sharukh Khan राहुल दुबे, अमर उजाला, वाराणसी
राहुल दुबे, अमर उजाला, वाराणसी Published by: Sharukh Khan Updated Wed, 30 Sep 2026 02:15 PM IST
सार

काशी की छतों पर अब नावें, गंगा और घाटों की तस्वीरें दिखाई देंगी। हवाई दृश्य को ध्यान में रखकर डिजाइन तैयार होगा। काशी की पहचान के लिए शहर की छतों और दीवारों पर बड़े आकार की पेंटिंग बनाई जाएगी। 

विज्ञापन
Images of boats Ganges and ghats will now be visible on rooftops of Kashi
वाराणसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी अब सिर्फ जमीन से देखा जाने वाला शहर नहीं रहेगा बल्कि आसमान से भी अपनी सांस्कृतिक पहचान का दिखा सकेगा। शहर की चुनिंदा इमारतों की छतों और बाहरी दीवारों को विशाल कैनवास में बदलने की तैयारी है। 
विज्ञापन


काशी टेरेस आर्टवर्क प्रोजेक्ट के तहत 11,120.34 वर्गमीटर में कलाकृतियां बनाने का प्रस्ताव है। इनमें गंगा के घाट, नदी जीवन, पारंपरिक नावें, गंगा, डॉल्फिन और काशी की स्थानीय जैव विविधता दिखाई जाएगी। 
विज्ञापन


डिजाइन ऐसा होगा कि इसे आसपास की ऊंची जगहों के साथ ही हवाई यात्रा के दौरान भी देखा जा सकेगा।काशी की पहचान के लिए शहर की छतों और दीवारों तक पहुंचाने की इस परियोजना में बड़े आकार की पेंटिंग बनाई जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रस्ताव के मुताबिक इन चित्रों में पारंपरिक विषयों को आधुनिक कला के साथ जोड़ा जाएगा। बड़े आकार, उभरे हुए आकार और चमकीले रंगों का इस्तेमाल होगा ताकि दूर से देखने पर भी चित्र स्पष्ट नजर आए। 

पर्यटन और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ाना उद्देश्य
इसका उद्देश्य शहर की दृश्य पहचान को मजबूत करने के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ाना है।नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि परियोजना के लिए तैयार सबसे प्रमुख हिस्सा रोपवे मार्ग की इमारतों की छतों का है। 


 

यहां आठ अलग-अलग इमारतों की छतों को मिलाकर थीम आधारित पेंटिंग प्रस्तावित की गई है। इसके बाद नरिया तिराहे की इमारतों और अन्य सतहों, काशी विद्यापीठ की सीमा और संपूर्णानंद की सीमा दीवारों को भी परियोजना में शामिल किया गया है। 

 

यानी करीब 1.2 लाख वर्गफुट क्षेत्र को काशी की सांस्कृतिक कहानी कहने वाले विशाल कैनवास में बदलने की योजना है।प्रस्ताव के अनुसार पहले मौजूदा सतहों की अच्छी तरह सफाई की जाएगी। 

धूल, ढीले कण और अन्य गंदगी हटाने के बाद जरूरत के अनुसार सैंडपेपरिंग की जाएगी। इसके बाद उपयुक्त प्राइमर लगाया जाएगा। फिर स्वीकृत डिजाइन के अनुसार कई रंगों से कलाकृतियां तैयार की जाएंगी। बाहरी सतहों पर एक्रेलिक स्मूथ एक्सटीरियर पेंट के इस्तेमाल का भी प्रावधान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed