तेहि छन राम मध्य धनु तोरा, भरे भुवन धुनि घोर कठोरा ... अर्थात् श्रीराम ने कब धनुष को हाथ में लिया, कब उसकी प्रत्यंचा चढ़ाई और कब उसे जोर से खींचा, यह इतनी फुर्ती से हुआ कि किसी को पता ही नहीं चला। सबने उन्हें सिर्फ धनुष ताने खड़े देखा। उसी क्षण श्री राम ने धनुष को बीच से तोड़ दिया। धनुष टूटते ही तीन सेकंड के भीतर पूरे ब्रह्मांड में गर्जना हुई। रामलीला के पांचवें दिन मंगलवार को धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर का मंचन हुआ। प्रभु श्रीराम द्वारा शिव धनुष का भंजन करते ही पूरा जनकपुर ‘बोल दे राजा रामचंद्र की जय’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। मशाल और पेट्रोमैक्स की दूधिया रोशनी और तोप की भयंकर गर्जना के बीच माता सीता ने प्रभु श्रीराम के गले में जयमाला डाली।
रामलीला: तोप की गर्जना के साथ दो सेकंड में शिव धनुष के हुए दो टुकड़े, राम के गले में सीता ने डाली वरमाला
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 30 Sep 2026 12:04 PM IST
सार
वाराणसी में रामनगर की रामलीला में तोप की गर्जना के साथ दो सेकंड में शिव धनुष के दो टुकड़े हुए। जिसके बाद मशाल और पेट्रोमैक्स की दूधिया रोशनी और तोप की भयंकर गर्जना के बीच माता सीता ने प्रभु श्रीराम के गले में जयमाला डाली।
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