UP: एंट्री फीस के नाम पर अवैध वसूली, परिवहन अफसरों की लोकेशन देते थे, 19 पर FIR; एक सिपाही सहित 4 गिरफ्तार
Varanasi News: एसटीएफ एंटी करप्शन लखनऊ ने ट्रकों से एंट्री फीस के नाम पर अवैध वसूली के मामले में गाजीपुर आरटीओ में तैनात सिपाही समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के लिए प्रति वाहन 3,000 रुपये वसूले जाते थे। मामले में 19 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच जारी है।
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Varanasi News: मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर और बलिया में ट्रकों से एंट्री फीस और अवैध वसूली के मामले में एसटीएफ लखनऊ एंटी करप्शन टीम ने लखनऊ-सुल्तानपुर रोड स्थित अहमामऊ-शहीद पथ अंडरपास से शुक्रवार की रात गाजीपुर में तैनात आरटीओ के सिपाही समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं, एसटीएफ ने वाराणसी के गोमती जोन के फूलपुर थाने में 19 आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एसटीएफ एंटी करप्शन लखनऊ के निरीक्षक चित्रसेन सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बलिया के फेफना स्थित कपूरी नारायण निवासी आकाश चौधरी, सिकंदरपुर (बलिया) निवासी राजा कुमार, बलिया के जापलीगंज बड़ी मुठी निवासी प्रदीप गुप्ता और पहड़िया सारंग तालाब निवासी सिपाही विपिन कुमार यादव शामिल हैं।
वहीं, फूलपुर थाने में इन चारों समेत बलिया के फेफना स्थित कपूरी नारायण निवासी हृदय चौधरी, भोलानाथ चौधरी, दिनेश यादव, सतीश चौधरी, पिंकू सिंह, मुनीम, बुलबुल, सीबी सिंह, अशोक दुबे, रंजीत, बबलू सिंह, दीपक, गुड्डू सिंह, सौरभ तिवारी और ललित सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। गाजीपुर आरटीओ में सिपाही विपिन कुमार तैनात है।
एसटीएफ निरीक्षक के अनुसार, कुछ ट्रक मालिकों की ओर से सूचनाएं मिल रही थीं कि एंट्री फीस के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। पूछताछ में सामने आया कि मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया समेत अन्य जिलों से ओवरलोड वाहनों को पास कराने का काम किया जा रहा था। अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि ओवरलोड गाड़ियां पास कराने के एवज में प्रति ट्रक 3000 रुपये लिए जाते थे। उधर, सिपाही की गिरफ्तारी के बाद परिवहन कार्यालय की ओर से उसे निलंबित कर दिया गया। गिरफ्तारी के बाद से परिवहन कार्यालय में हलचल तेज है।
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि ओवरलोड गाड़ियों को पास कराने के लिए आरोपियों की ओर से परिवहन अधिकारियों की लोकेशन ली जाती थी। लोकेशन के आधार पर गाड़ियां पास कराई जाती थीं। परिवहन अधिकारियों की लोकेशन की जानकारी ट्रक चालकों व मालिकों को पल-पल दी जाती थी। सोनभद्र और मिर्जापुर समेत अन्य जिलों से गाड़ियां पास होती थीं। अवैध वसूली से जुड़ी अन्य कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं।
ओवरलोड वाहन पास कराने वालों की सांठगांठ में दीवान हो चुका है निलंबित
वाहनों को पास कराने से लेकर अन्य कई मामलों में परिवहन विभाग चर्चा में रहा है। हाल ही में हाईवे पर ओवरलोड वाहनों को पास कराने के आरोप में दीवान योगेंद्र सिंह को निलंबित किया जा चुका है। आरोप है कि दीवान योगेंद्र सिंह वाराणसी में नौकरी करते हुए दूसरे जिलों में आरटीओ अधिकारियों की लोकेशन पासरों को देता था।
पूर्वांचल ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह ने यह आरोप लगाते हुए परिवहन के अपर मुख्य सचिव, परिवहन आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की थी। डीटीसी राधेश्याम ने गोपनीय जांच कराई तो मामला उजागर हो गया। दीवान प्रकरण की जांच अयोध्या के एआरटीओ संजय सिंह कर रहे हैं। परिवहन आयुक्त ने एक माह में जांच रिपोर्ट मांगी है।