{"_id":"65b7ac1aa621e85b0506e28a","slug":"iit-bhu-will-give-information-about-coal-quality-management-2024-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi: आईआईटी बीएचयू देगा कोयला गुणवत्ता प्रबंधन की जानकारी, उपयोगिता पर शोध को मिलेगा बढ़ावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi: आईआईटी बीएचयू देगा कोयला गुणवत्ता प्रबंधन की जानकारी, उपयोगिता पर शोध को मिलेगा बढ़ावा
Mon, 29 Jan 2024 07:16 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 29 Jan 2024 07:16 PM IST
सार
कोयले को तरल और गैस में परिवर्तित करने के शोध को आईआईटी बीएचयू में बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए अनुसंधान केंद्र खोला गया है। इस केंद्र से कर्बन उत्सर्जन में कमी लाने और उच्च क्वालीटी वाला कोयला उपलबध होगा।
विज्ञापन
आईआईटी बीएचयू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईआईटी बीएचयू का माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग कोयले की गुणवत्ता प्रबंधन और उसकी उपयोगिता पर शोध को बढ़ावा देगा। इसके लिए माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग में अनुसंधान केंद्र खोला गया है। अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष पीएम प्रसाद और सीएमडी मनोज कुमार ने किया। यह केंद्र कार्बन गैस उत्सर्जन में कमी लाने और कोयले को तरल और गैस में परिवर्तित करने के अनुसंधान को भी प्रोत्साहित करेगा। इसका लाभ पूर्वांचल के कोयला कारोबारियों को मिलेगा।
विज्ञापन
सीएमडी मनोज कुमार ने कहा कि ग्रीन उर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही ऊर्जा जरूरतों के लिए कोयले का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इस केंद्र को कोयला के क्षेत्र में नए खोज को बढ़ावा देने के लिए शोध में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ये केंद्र कोयला उत्पादकों और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण कोयले का आकलन करने की जरूरतों को पूरा करेगा। स्थानीय कोयला व्यापारी भी इस केंद्र से कोयला ग्रेडिंग सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि इसका लाभ पूर्वांचल के कोयला व्यापारियों को मिलेगा। इस मौके पर कार्यक्रम समन्वयक प्रो़ आरिफ जमाल, प्रो. बीबी धर, एमके थापर मौजूद रहे।
विज्ञापन