IIT BHU: आईआईटी के छात्रों का ड्रोन सर्वे, सफेद रंग और सोलर पैनल ने 22 डिग्री गिराया छत का पारा
IIT BHU: आईआईटी के युवा वैज्ञानिकों ने ड्रोन सर्वे किया। सर्वे में पता चला कि सफेद रंग और सोलर पैनल ने 22 डिग्री छत का पारा गिराया।
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भीषण गर्मी से घर की छत, एयर कंडीशनर लैब और सर्वर रूम भी प्रभावित होने लगे हैं। आईआईटी बीएचयू के युवा वैज्ञानिकों ने बढ़ते तापमान के प्रभाव पर दो रिसर्च किए हैं। लैब के ठंडे वातावरण में मशीनों के तापमान में होने वाले न्यूनतम 0.5 डिग्री सेल्सियस के अंतर को डिटेक्ट करने वाला सेंसर बनाया गया है। वहीं, दूसरे शोध के अनुसार छतों की सतह के तापमान को 22 डिग्री तक कम किया जा सकता है।
ड्रोन से क्रंकीट के छतों का हीट सर्वे किया है। छतों की सतह को लेकर आईआईटी बीएचयू के पीएमआरएफ रिसर्चर रणवीर कुमार, जियो इन्फॉर्मेटिक्स के राजर्षि भट्टाचार्य और सिविल इंजीनियरिंग के जनार्दन काचरी ने रिसर्च किया है।
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अलग-अलग बिल्डिंग की छत की सतह के तापमान में अंतर पाया गया। ड्रोन से थर्मल सर्वे कराने के बाद पता चला कि सिर्फ कंक्रीट की एक छत का तापमान बढ़कर 67.1 डिग्री तक चला गया था। जिस छत को सफेद रंग से पेंट किया गया था, उसकी सतह कंक्रीट के मुकाबले कम गर्म रही। जिस छत पर सफेद पेंटिंग और सोलर पैनल लगा था, उस छत का तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस तक आ गया था।
ऊर्जा सोखने की मांग में आई कमी
दोपहर की धूप छंटने के दौरान इन छतों के सतह का तापमान लिया गया था। वैज्ञानिकों ने देखा कि पेंट और सोलर पैनल से छतों में उष्मा को सोखने की मांग में कमी आई है। स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग से छतों के ऊर्जा की मांग घटेगी और काशी के अर्बन हीट की मात्रा कम होगी। वैज्ञानिकों ने तापमान घटने का ये सिलसिला मैप पर भी दिखाया।
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