आईआईटी: चीफ प्राॅक्टर को वैज्ञानिक देंगे विदेश यात्राओं की जानकारी, कैंपस की सुरक्षा होगी मजबूत; जानें खास
आईआईटी के वैज्ञानिकों को अब विदेश यात्राओं की जानकारी संस्थान के चीफ प्रॉक्टर को देनी होगी। यह जानकारी आईबी समेत अन्य खुफिया एजेंसियों से साझा की जाएगी, ताकि कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके। इस पहल का उद्देश्य विदेशी संपर्कों और यात्राओं से जुड़ी सूचनाओं का समन्वय करना तथा संस्थान में सुरक्षा संबंधी सतर्कता बढ़ाना है।
विस्तार
आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों को चीन-ताइवान सहित विदेशी यात्राओं का विवरण देना होगा। ये जानकारियां खुफिया एजेंसियों से साझा होंगी। संस्थान की सुरक्षा और उससे जुड़े मामलों में जरूरी सूचनाएं जुटाने के लिए मुख्य चीफ प्रॉक्टर को अधिकृत कर दिया गया है।
संस्थान में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी। सूचनाएं पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएंगी। कैंपस की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कुलसचिव कार्यालय (प्रशासन) की ओर से 27 अक्तूबर को अधिसूचना जारी करके ये जानकारियां दी गई हैं। इसमें बताया गया है कि चीफ प्रॉक्टर संबंधित विभागों, अनुभागों और सक्षम अधिकारियों से जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के अनुपालन में की गई है।
सात मुद्दों पर होगी निगरानी, विदेशी छात्रों की भी देनी होगी जानकारी: अधिसूचना में सात बड़े मुद्दों पर निगरानी की चर्चा की गई है, जिसके इर्द-गिर्द जानकारियां उपलब्ध कराई जानी है। इसमें संस्थान के कई शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश लिए विदेशी छात्रों का विवरण देना होगा। विदेशी शैक्षणिक संस्थानों के साथ संचालित स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के बारे में बताना होगा। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के दौरों से संबंधित ब्योरा भी देना होगा।
अंतरराष्ट्रीय शोध भी दायरे में : इस अधिसूचना में बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय शोध और शोध प्रकाशनों को प्रोत्साहित करने वाली सरकारी योजनाओं और पहलों की नई जानकारियां भी इसके दायरे में होगी। संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए किए गए उपायों और पहलों का विवरण भी चीफ प्रॉक्टर प्राप्त कर सकेंगे।
गोपनीय होंगी जानकारियां : अधिसूचना में सभी संबंधित विभागों, अनुभागों, केंद्रों और कार्यालयों से आवश्यक सहयोग देने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर आईबी और अन्य अधिकृत सुरक्षा एजेंसियों को समय से उपलब्ध कराई जा सकें। जारी निर्देश के मुताबिक, प्राप्त जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा।
असमानता और भेदभाव पर होगी निगरानी
आईआईटी बीएचयू में असमानता और भेदभाव की समस्या पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सभी छात्रों, प्रोफेसरों और कर्मचारियों को बराबर का अवसर दिलाने और उनके समन्वय के लिए पांच सदस्यों का एक प्रकोष्ठ बनाया गया है, जिसका नाम समान अवसर प्रकोष्ठ होगा। वहीं पुरानी समिति समाप्त कर दी गई है।
कुलसचिव कार्यालय (सामान्य प्रशासन) की ओर से आधिकारिक सूचना जारी कर बताया गया है कि जुलाई 2023 में स्थापित समानता, विविधता तथा समावेशन समिति’ को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। अब समान अवसर प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इसके अध्यक्ष केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग के डॉ. मनोज कुमार मंडल होंगे।
जनपद अभियांत्रिकी विभाग की डॉ. रोजलीन साहू, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. यादविंद्र सिंह जोशन और कंप्यूटर एंड इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ तकनीकी अधीक्षक डॉ. राम प्रसाद मन्ना को प्रकोष्ठ का सदस्य नियुक्त किया गया है। वहीं, उप-कुलसचिव (प्रशासन-III) को इस प्रकोष्ठ का सदस्य सचिव बनाया गया है।