IIT BHU: खोज और इनोवेशन को मिलेगा आईआईटी के एनडीए का कवच, बढ़ेगी रिसर्च की ग्लोबल रीच
Varanasi News: आईआईटी के खोज और इनोवेशन को सुरक्षा कवच देकर एनडीए ग्लोबल पहुंच बढ़ाएगा। इस नियम के तहत सभी शोधकर्ताओं के बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
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आईआईटी बीएचयू में नई एनडीए व्यवस्था से वैज्ञानिकों की खोजों और इनोवेशन को सुरक्षा कवच मिलेगा। साथ ही रिसर्च की ग्लोबल रीच बढ़ेगी। एनडीए यानी नॉन डिस्क्लोजर एग्रीमेंट या अनिवार्य गोपनीयता समझौता। इस नियम के तहत सभी शोधकर्ताओं के बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा की जाएगी। इसके अलावा गोपनीय सूचनाओं को अनधिकृत तौर पर बाहर किए जाने से जुड़े संभावित उल्लंघनों को रोका जाएगा। शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए एसोसिएट डीन (अनुसंधान एवं विकास) व बौद्धिक संपदा अधिकार प्रभारी प्रो. प्रदीप पाइक ने कहा कि इसे सेल की ओर से स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा, एनडीए ड्राफ्ट के तहत सभी शोधार्थियों, परियोजना कर्मियों, फेलो, इंटर्न, अंतरराष्ट्रीय मेहमानों, शोधकर्ताओं, अल्पकालिक अतिथियों और उनके द्वारा किए गए रिसर्च व प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यों पर यह लागू होगा। इस पहल के बाद संस्थान में तैयार होने वाले इनोवेशन, पेटेंट योग्य आविष्कारों, तकनीकी ज्ञान और गोपनीय शोध के परिणामों तथा उनके मुख्य फॉर्मूले को सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी और वैश्विक शोध परिवेश में बौद्धिक संपदा की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखना बहुत जरूरी है। अनिवार्य एनडीए व्यवस्था संस्थान के हितों को बढ़ाने के साथ ही उद्योग साझेदारों और सहयोगी संस्थानों के साथ विश्वास और पारदर्शिता को भी मजबूत करेगी।
इन पर लागू होगा एनडीए
- बौद्धिक संपदा और पेटेंट योग्य इनोवेशन।
- शोध परिणाम और तकनीकी ज्ञान।
- गोपनीय सूचनाएं और स्वामित्वाधिकार प्रक्रियाएं।
- आईआईटी बीएचयू के संस्थागत हित।
- अंतरराष्ट्रीय विद्वानों और शोधकर्ताओं से संबंधित सहभागिताएं।
सुरक्षित रिसर्च इकोसिस्टम संस्थान में होगा तैयार
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क्या बोले निदेशक
सुरक्षित रिसर्च इकोसिस्टम न केवल आइडिया की रक्षा करता है, बल्कि शोधकर्ताओं को आत्मविश्वास के साथ नवाचार करने के लिए भी प्रेरित करता है। यह व्यवस्था संस्थान की विश्वसनीयता को और मजबूत करेगी। उच्च गुणवत्ता वाले सहयोग भी संस्थान को प्राप्त होंगे। -प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी बीएचयू