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IIT-BHU:देशभर के 40 संकाय सदस्यों का शैक्षणिक कौशल बढ़ाएगा आईआईटी बीएचयू
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आईआईटी बीएचयू देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों का शैक्षणिक कौशल बढ़ाएगा। इस दौरान उन्हें परिणाम आधारित शिक्षण, कोर्स डिजाइनिंग और शिक्षण में प्रौद्योगिकी के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए सोमवार को आईआईटी के एबीएलटी सभागार में 26 दिवसीय फैकल्टी इंडक्शन कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसमें देशभर के 40 बड़े संस्थानों के संकाय सदस्य भाग ले रहे हैं। पहले दिन प्रतिभागियों को कार्यक्रम का उद्देश्य बताया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए आईआईटी के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यूजीसी से प्रायोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों में पेशेवर विकास को बढ़ावा देना और शैक्षणिक कौशल बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को क्षेत्र के विशेषज्ञों की ओर से निर्देशित व्यापक प्रशिक्षण और विकास में शामिल होने का अवसर प्रदान करेगा।
उद्घाटन समारोह में सभी विषयों के डीन और प्रमुख उपस्थित रहे। शिक्षण और अधिगम केंद्र (टीएलसी) के समन्वयक डॉ. श्याम कमल ने कहा कि इसमें उच्च शिक्षा और इसके पारिस्थितिकी तंत्र, पाठ्यक्रम डिजाइनिंग, परिणाम आधारित शिक्षण, शिक्षण के लिए प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और व्यावसायिक विकास सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रो. विकास कुमार दुबे ने संकाय सदस्यों के निरंतर विकास के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया। पहले दिन के कार्यक्रम का समापन आईआईटी के चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए आईआईटी के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यूजीसी से प्रायोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों में पेशेवर विकास को बढ़ावा देना और शैक्षणिक कौशल बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को क्षेत्र के विशेषज्ञों की ओर से निर्देशित व्यापक प्रशिक्षण और विकास में शामिल होने का अवसर प्रदान करेगा।
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उद्घाटन समारोह में सभी विषयों के डीन और प्रमुख उपस्थित रहे। शिक्षण और अधिगम केंद्र (टीएलसी) के समन्वयक डॉ. श्याम कमल ने कहा कि इसमें उच्च शिक्षा और इसके पारिस्थितिकी तंत्र, पाठ्यक्रम डिजाइनिंग, परिणाम आधारित शिक्षण, शिक्षण के लिए प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और व्यावसायिक विकास सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रो. विकास कुमार दुबे ने संकाय सदस्यों के निरंतर विकास के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया। पहले दिन के कार्यक्रम का समापन आईआईटी के चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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