{"_id":"68d636b60c06da572f0987e0","slug":"iit-bhu-developed-super-battery-with-three-times-capacity-of-regular-battery-2025-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफलता: आईआईटी बीएचयू ने बनाई सुपर बैटरी, आम बैटरी से तीन गुना ज्यादा क्षमता; वैज्ञानिकों ने किया ये दावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफलता: आईआईटी बीएचयू ने बनाई सुपर बैटरी, आम बैटरी से तीन गुना ज्यादा क्षमता; वैज्ञानिकों ने किया ये दावा
Fri, 26 Sep 2025 12:16 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 26 Sep 2025 12:16 PM IST
सार
आईआईटी बीएचयू में सुपर बैटरी की खोज हुई है। इसमें आम बैटरी से तीन गुना ज्यादा क्षमता होगी। देश में पहली बार सिरामिक इंजीनियरिंग विभाग में पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड डबल आयन बैटरी का प्रोटोटाइप तैयार करने में सफलता मिली है।
विज्ञापन
आईआईटी बीएचयू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आईआईटी बीएचयू में एक ऐसी सुपर बैटरी की खोज हुई है जो कि स्वच्छ ऊर्जा (सौर, पवन आदि) की भंडारण क्षमता को तीन गुना ज्यादा तक बढ़ा सकती है, वहीं इसका आकार घर की इनवर्टर बैटरी से तीन गुना कम होगा। देश में पहली बार सिरामिक इंजीनियरिंग विभाग में पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड डबल आयन बैटरी का प्रोटोटाइप तैयार करने में सफलता मिली है।
विज्ञापन
वैज्ञानिकों का दावा है कि घर-घर में बन रही सोलर बिजली से ग्रिड पर बढ़ते अतिरिक्त भार और कम होती भंडारण क्षमता की राष्ट्रीय चिंता भी दूर हो सकेगी। यह रिसर्च अंतरराष्ट्रीय जर्नल ऑफ पॉवर सोर्सेज में प्रकाशित हो चुका है। इस तकनीक का एक पेटेंट भी फाइल कर दिया गया है।
विज्ञापन
विभाग के वैज्ञानिक डॉ. प्रीतम सिंह और उनकी रिसर्च टीम ने इस प्रोटोटाइप को तैयार किया है। डॉ. सिंह के अनुसार, 2030 तक भारत को रिन्यूएबल एनर्जी के लिए 61,000 मेगावाट स्टोरेज चाहिए। मगर वर्तमान में सिर्फ 442 मेगावाट स्टोरेज ही है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें; आरटीआई में खुलासा: बीएचयू में एंड-सेमेस्टर के आधार पर मिले सेशनल के मार्क्स, न परीक्षा हुई, न पेपर बना
डॉ. सिंह ने बताया कि देश में पोटेशियम आयन बैटरी देश में कई जगह तैयार हो रही है लेकिन ये लिथियम आयन बैटरी के विकल्प के रूप में विकसित हो रही है। इस रिसर्च में सेल ग्रिड के साथ अंकित राज, नीरज कुमार मिश्रा, कृष्ण गोपाल निगम, अभिजीत सिंह, सोहम मुखर्जी, आशा गुप्ता, अखिलेश सिंह रहे।