आईआईटी बीएचयू: पूर्व छात्र ने दिया एक करोड़ रुपये का दान, मेकट्रॉनिक्स एंड ऑटोमेशन लैब का होगा निर्माण
आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र आरएन त्रिपाठी ने संस्थान को एक करोड़ रुपये दान दिया है। आरएन त्रिपाठी वेद ससोमेनिका प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रमोटर हैं।
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आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र ने संस्थान में प्रयोगशाला की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये का दान दिया है। 1971 बैच के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व छात्र और वेद ससोमेनिका प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रमोटर आरएन त्रिपाठी ने निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन को शुक्रवार को एक करोड़ रुपये का बैंक ड्राफ्ट भेंट किया।
लैब का नाम भी पूर्व छात्र के नाम पर आरएन त्रिपाठी मेकट्रॉनिक्स एंड आटोमेशन लैबोरेट्री रखने का निर्णय लिया गया है। आईआईटी बीएचयू के निदेशक ने बताया कि मेकट्रॉनिक्स एंड ऑटोमेशन लैब दो चरणों में नवीनतम आधुनिक उपकरण सुविधा से सुसज्जित होने वाली अत्याधुनिक प्रयोगशाला होगी।
अपने बैच के साथियों संग आईआईटी बीएचयू पहुंचे आरएन त्रिपाठी
प्राप्त दान का उपयोग पहले चरण में औद्योगिक मेकट्रॉनिक्स प्रशिक्षण प्रणाली, एकीकृत रोबोटिक मिग वेल्डिंग सेल, कम्प्यूटरीकृत अल्ट्रासोनिक वेल्डिंग मशीन, मिनी रोबोट डीआईवाई किट (5 एक्सिस) आदि जैसे आधुनिक उपकरणों के साथ उक्त प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए किया जाएगा।
दाता से प्राप्त होने वाली अतिरिक्त सहायता से एक वर्ष के बाद अन्य आधुनिक उपकरण सुविधा के साथ प्रयोगशाला को दूसरे चरण में और विकसित किया जाएगा। पूर्व छात्र आरएन त्रिपाठी अपने बैच के दो साथियों वीएस गर्ग और राजीव पांडेय के साथ सपरिवार संस्थान का दौरा किया। निदेशक ने संस्थान में सभी का स्वागत किया। इस दौरान प्रो. राजीव श्रीवास्तव और प्रो. एके त्रिपाठी मौजूद रहे।
आरएन त्रिपाठी के माता-पिता का भी रहा है बीएचयू से जुड़ाव
आर.एन. त्रिपाठी, वेद ससोमेकनिका (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, कानपुर के प्रमोटर हैं। उन्होंने 1971 में आईटी बीएचयू से मैकेनिकल इंजीनियर में स्नातक और 1973 में आईआईटी दिल्ली से एमटेक (डिजाइन) किया है। इनको मातृ संस्था बीएचयू से प्यार माता-पिता से विरासत में मिला था। इनके पिता बीएचयू के मेडिकल संकाय से एबीएमएस और माता महिला कॉलेज बीएचयू से 1946 में बीए और बीएड हैं। उस समय पं. मदन मोहन मालवीय बीएचयू के कुलपति थे।
रेलवे के लिए सामान बनाती है वेद ससोमेकनिका
वेद ससोमेकनिका (इंडिया) प्रा. लिमिटेड की स्थापना 1987 में इटली के ससोमेकनिका एस.आर.एल. के सहयोग से स्वचालित मार्बल प्रोसेसिंग मशीनों के निर्माण के लिए हुआ था। 1992-93 में कंपनी ने लोकोमोटिव की वस्तुओं के निर्माण के लिए डीजल लोकोमोटिव वर्क्स, वाराणसी के साथ वैकल्पिक रूप से जुड़कर अपनी उपस्थिति दर्ज की।
वर्तमान में कंपनी लोकोमोटिव, कोच और मेट्रो के लिए व भारतीय रेलवे के लिए सुरक्षा आइटम बोगी फ्रेम्स का निर्माण कर रही है। इस कंपनी को 2017 में आईसीएफ चेन्नई द्वारा वंदे भारत ट्रेन के लिए बोगी फ्रेम बनाने के लिए एकमात्र निर्माता के रूप में चुना गया था।
बनने वाली लैबोरेट्री के उद्देश्य
- -मेकट्रॉनिक्स एंड ऑटोमेशन के अत्याधुनिक क्षेत्रों में अंत:विषय अनुसंधान और उद्योग संचालित नवाचार करने के लिए यूजी/पीजी/रिसर्च स्कॉलर्स के लिए एक केंद्रित प्रयोगशाला वातावरण।
- -एमएसएमई के तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का प्रावधान।
- -संस्थान-आधारित प्रौद्योगिकी को बाजार में स्थानांतरित करने का एक अभ्यास।
- -उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए उद्योग और सरकार के साथ सहयोग।
क्या है मेकट्रॉनिक्स एंड ऑटोमेशन
मेकट्रॉनिक्स एंड आटोमेशन एक एकीकृत अवधारणा है, जिसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंट्रोल, रोबोटिक्स और कंप्यूटर से सीखने के सिद्धांतों को शामिल किया गया है। यह कुशल और स्मार्ट उत्पादन प्रणालियों को विकसित और नियंत्रित करने और ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्माताओं की क्षमता को पुनर्जीवित करता है।
मेकट्रॉनिक्स आधारित स्वचालित सिस्टम अर्थात स्वचालित निरीक्षण और गुणवत्ता आश्वासन, स्वचालित पैकेजिंग, रिकॉर्ड बनाना और स्वचालित प्रेषण, पूरी उत्पादन प्रक्रिया को तेज करने में मदद करते हैं।