फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   IIT BHU also run other way

बीएचयू की राह पर दूसरे आईआईटी भी चलेंगे

Sat, 13 Aug 2016 02:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 13 Aug 2016 02:09 AM IST
विज्ञापन
IIT BHU also run other way
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
देश के अन्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान अब आईआईटी बीएचयू की राह पर चलेंगे। आईआईटी बीएचयू में 28 जुलाई से चल रहे इंडक्शन प्रोग्राम को दूसरे आईआईटी भी कराएंगे। वर्तमान सत्र में आईआईटी बीएचयू ने तीन सप्ताह का इंडक्शन प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें छात्र-छात्राओं को तनावमुक्त करते हुए उन्हें मानवीय मूल्यों का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इंजीनियरिंग से इतर खेलकूद, साहित्य, कला और रचनात्मकता से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन


पहली बार आईआईटी बीएचयू में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए तीन हफ्ते का इंडक्शन प्रोग्राम इस उद्देश्य से शुरू किया गया है कि ये यहां के माहौल में घुल मिल सकें। तीनों हफ्ते क्लास के लेक्चर, फार्मूले, इक्वेशन से दूर रहना है। प्रोग्राम के जरिये वो न सिर्फ अपने कैंपस, अपनी यूनिवर्सिटी को जान रहे हैं बल्कि इस शहर के मिजाज, इतिहास से परिचित हो रहे हैं। आईआईटी बीएचयू में शुरू इस प्रोग्राम को न सिर्फ छात्र पसंद कर रहे हैं, बल्कि दूसरे आईआईटी भी इसे सराह रहे हैं।
विज्ञापन


खास बात यह कि मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने इसकी रिपोर्ट को प्रस्तुत करने को कहा है। 20 अगस्त को इस इंडक्शन प्रोग्राम के समाप्त होने के बाद आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल 23 अगस्त को मंत्रालय को रिपोर्ट पेश करेंगे। उधर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी इसे इस प्रोग्राम को सिर्फ आईआईटी तक ही नहीं बल्कि दूसरे केंद्रीय विश्वविद्यालय में शुरू कराने का प्रस्ताव रखा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल ने कहा कि प्रोग्राम के जरिए विद्यार्थियों को संपूर्णता और उत्सवपूर्वक जीना सिखा रहे हैं। पढ़ाई के अलावा परिवार, समाज के प्रति जिम्मेदारियां क्या है, इसका भी बोध कराया जा रहा है। विद्यार्थियों को अध्यापकों से जोड़ने की भी कोशिश की जा रही है।


केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के हेड प्रो. पीके मिश्रा ने कहा कि प्रोग्राम को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला मानवीय मूल्य, दूसरा क्रिएटिव प्रैक्टिस और तीसरा संस्थान, विश्वविद्यालय और शहर का परिचय। सुबह योग और खेलकूद के साथ उन्हें पेंटिंग, डांसिंग, क्ले मॉडलिंग के जरिए  कौशल भी विकसित किया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed