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IIT BHU: तीन साल बाद बीटेक ड्रॉपआउट करने पर होंगे BSC-इंजीनियर, नया एमटेक कोर्स भी होगा; जानें खास

Sun, 18 May 2025 05:20 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 18 May 2025 05:20 AM IST
सार

BHU News: आईआईटी बीएचयू यह इस कोर्स की शुरुआत होने से काफी फायदा होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी एक कोर्स चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय की कक्षाओं को तेजी से डिजिटल किया जा रहा है।

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IIT BHU After three years of BTech dropout you will become BSC engineer new MTech course
IIT BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

IIT BHU: आईआईटी बीएचयू में तीन साल के बाद बीटेक कोर्स ड्रॉप आउट करने वाले छात्र और छात्राएं बीएससी-इंजीनियर होंगे। इन्हें बीएससी इन इंजीनियरिंग की डिग्री दी जाएगी। जबकि सिर्फ एक साल पूरा करने पर इंटरिम लीविंग सर्टिफिकेट और दो वर्ष बाद डिप्लोमा का प्रमाणपत्र दे दिया जाएगा। 

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वहीं, इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस के बीच की खाई को पाटने के लिए आईआईटी बीएचयू ने एक नया एमटेक कोर्स शुरू किया है। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संस्थान ने स्नातक पाठ्यक्रम में कई संशोधन किए हैं जाे कि आगामी सत्र 2025 से लागू होगा।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक इंडस्ट्री-रिलवेंट कोर्स चलेगा। भारतीय मानक ब्यूरो के सहयोग से मानक और विनियामक ढांचे पर एक कोर्स किया गया है। छात्रों को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए एक व्यापक छात्र यात्रा अनुदान योजना की शुरुआत की गई है। इसमें पीएचडी छात्रों को 2 लाख तक का अनुदान दिया जाएगा। परास्नातक के छात्रों को 60,000 तक का अनुदान निर्धारित किया गया है। वहीं, कक्षाओं को तेजी से डिजिटल किया जा रहा है।

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अस्पतालों और मेड-टेक उद्योगों के लिए तैयार होंगे छात्र
इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस के बीच की खाई को पाटने के लिए एक नया एमटेक कोर्स छात्रों को अस्पतालों और मेड-टेक उद्योगों के लिए तैयार करेगा। इसी के साथ ही संस्थान ने एक पार्ट टाइम एक्जीक्यूटिव पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किया है। चौथे सेमेस्टर के बाद छात्र चार विशिष्ट शैक्षणिक ट्रैकों में से चयन कर सकेंगे। 

ये योग्यता और पसंद पर आधारित होंगे। छठा सेमेस्टर सभी स्ट्रीम के लिए औद्योगिक या अनुसंधान इंटर्नशिप के लिए रिजर्व रहेगा। नया कोर्स नई बात करता है। बीटेक में एक साल पूरा करने पर इंटरिम लीविंग सर्टिफिकेट मिलेगा। दो वर्ष बाद डिप्लोमा और तीन वर्ष में बीएससी इन इंजीनियरिंग की डिग्री दी जाएगी।

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