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इग्नू की अनूठी पहल, अब थर्ड जेंडर भी बनेंगे ‘स्कालर’
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 30 Jun 2017 08:14 PM IST
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इग्नू लोगो
- फोटो : logo
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समाज से अलग-थलग रहने वाले थर्ड जेंडर(किन्नर) समाज को मुख्य धारा से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। सरकार ने जहां उनको मतदाता बनाकर लोकतंत्र को मजबूत किया वहीं अब इग्नू की अनूठी पहल उनके विकास में संजीवनी का काम करेगी।
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी इन्हें नि:शुल्क शिक्षा देने जा रही है। इग्नू के कुलपति प्रो. रवींद्र कुमार ने इग्नू के सभी केंद्रों व पाठ्यक्रमों में नि:शुल्क प्रवेश देने की घोषणा की है।
उनको किताबें मुफ्त दी जाएंगी और परीक्षा पास करने के बाद इग्नू विश्वविद्यालय की तरफ से डिग्री दी जाएगी। दाखिले अगले सत्र से शुरू हो जाएंगे।
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थर्ड जेंडर शुरू से ही उपेक्षित रहे हैं और उनको मुख्य धारा से अलग ही माना जाता रहा है।
इग्नू ने उनको समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्हें शिक्षित और समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रवेश के लिए उन्हें राज्य सरकार की तरफ से जारी मेडिकल सटिर्फिकेट और आधार कार्ड देना होगा।
दाखिले के बाद वो किसी भी इग्नू सेंटर से पढ़ाई कर सकेंगे। इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अवध नारायण त्रिपाठी ने कहा कि ये बड़ा बदलाव है। बताया कि थर्ड जेंडर के समाज को जागरूक करने के लिए कई कदम भी उठाए जाएंगे। अभियान चलाकर उनको शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी इन्हें नि:शुल्क शिक्षा देने जा रही है। इग्नू के कुलपति प्रो. रवींद्र कुमार ने इग्नू के सभी केंद्रों व पाठ्यक्रमों में नि:शुल्क प्रवेश देने की घोषणा की है।
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उनको किताबें मुफ्त दी जाएंगी और परीक्षा पास करने के बाद इग्नू विश्वविद्यालय की तरफ से डिग्री दी जाएगी। दाखिले अगले सत्र से शुरू हो जाएंगे।
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थर्ड जेंडर शुरू से ही उपेक्षित रहे हैं और उनको मुख्य धारा से अलग ही माना जाता रहा है।
इग्नू ने उनको समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्हें शिक्षित और समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रवेश के लिए उन्हें राज्य सरकार की तरफ से जारी मेडिकल सटिर्फिकेट और आधार कार्ड देना होगा।
दाखिले के बाद वो किसी भी इग्नू सेंटर से पढ़ाई कर सकेंगे। इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अवध नारायण त्रिपाठी ने कहा कि ये बड़ा बदलाव है। बताया कि थर्ड जेंडर के समाज को जागरूक करने के लिए कई कदम भी उठाए जाएंगे। अभियान चलाकर उनको शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।