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मशीन हुई खराब तो, नियम को ताक पर रख करा दिया वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन का निर्माण कार्य
Sat, 29 Feb 2020 06:23 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Sat, 29 Feb 2020 06:23 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन का निर्माण कार्य नियम को ताक पर रखकर जैसे-तैसे पूरा करने पर आमादा निर्माण कंपनी के द्वारा ऑटोमेटिक मशीन के बजाय मैनुअल तरीके से ढलाई कराई जा रही है।
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फोरलेन वाराणसी से गोरखपुर सड़क का कार्य मऊ जनपद के अमिला के पास सोनाडीह माफी गांव से सटे चल रहा है। नियमों को ताक पर रखकर मानक की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए मैनुअल तरीके से फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य जोरो पर हैं।
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इस विषय पर मौके पर मौजूद सुपरवाइजर रितेश ने बताया कि मशीन खराब होने से 70 मीटर ढलाई करनी थी। इसलिए मैनुअल कार्य कराया जा रहा है। इस संबंध में कंपनी के इंजीनियर भरत प्रसाद ने बताया कि 50 मीटर ढलाई करना है।
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पेवर से ढलाई कराने में एक घन मीटर की ढलाई में सवा सात बैग सीमेंट लगता है तो वही मैनुअल के तहत ढलाई कराने में सवा आठ बैग सीमेंट लगता है। 55 किलोग्राम अधिक सीमेंट लगता जिससे गुडवत्ता में कोई कमी नही आती है। कंपनी के वरिष्ठ अभियंता ने मामले पर संज्ञान लेकर जांच कराने की बात कही।