{"_id":"5b88e44f42c79246382d01d9","slug":"ied-blast-master-mind-passed-iti-police-raid-in-search","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बनारस आईईडी ब्लास्ट: आईटीआई पास है धमाके का मास्टर माइंड, तलाश में चल रही छापेमारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस आईईडी ब्लास्ट: आईटीआई पास है धमाके का मास्टर माइंड, तलाश में चल रही छापेमारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:16 PM IST
विज्ञापन
घटनास्थल पर मौजूद लोग
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनारस के मिल्कोपुर में आईईडी विस्फोट के मास्टर माइंड सोनू की तलाश में पुलिस ने चार जिलों में छापेमारी की है। मंगलवार देर रात दो धमाके कर गांव के खली-चूनी व्यापारी लालजी यादव और उनके बेटे अजय यादव की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नामजद छह आरोपियों में से पांच को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
पूछताछ में सामने आया है कि सराफा कारोबारियों ने जमीन और रुपये का लालच देकर यह हत्या करवाई। तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमें इस मामले में अब तक 42 लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। पुलिस के अनुसार लखरांव गांव के मुन्नीलाल यादव का बेटा सोनू ही धमाके का मास्टर माइंड है। उसी पर विस्फोटक तैयार करने का शक है।
पढें: बनारस आईईडी ब्लास्ट: रात में घर के बाहर सोए थे पिता-पुत्र, सुबह चिथड़े में मिली दोनों की लाश
विज्ञापन
क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में सामने आया है कि सोनू ने मैकेनिकल ट्रेड से आईटीआई की पढ़ाई की है। मिर्जापुर में सीमेंट फैक्ट्री और पत्थर की खदान में काम करने के दौरान उसने विस्फोटक पदार्थ और इससे जुड़ी जानकारियां हासिल कीं।
गुरुवार को पुलिस ने उसकी तलाश में मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर और बनारस में कई स्थानों पर छापेमारी की। मगर, उसके बारे में कोई इनपुट नहीं मिला। एक टीम बिहार के बक्सर भेजी गई है जहां उसके कुछ दोस्त रहते हैं।
लालजी के भाई श्याम जी की तहरीर पर सराफा कारोबारी चौक क्षेत्र के प्रतीक वर्मा व उसके परिवार के किरन चंद वर्मा, विपिन चंद वर्मा, विनोद चंद वर्मा और लखरांव के मुन्नीलाल यादव व उसके बेटे सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच एजेंसियों ने आशंका जताई है कि हत्या के लिए डेटोनेटर फ्यूज र्को आईईडी से कनेक्ट कर बैटरी की मदद से धमाका किया गया। सोनू को छोड़कर अन्य आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं। पिता-पुत्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी हत्या में उपयोग किया गया विस्फोटक कम क्षमता का था।
प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि धमाके के लिए अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, मौके से एकत्र किए गए सैंपल को जांच के लिए आगरा स्थित फोरेंसिक लैब भेजा गया है। एसएसपी ने बताया कि आगरा से रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता लग सकेगा कि विस्फोटक पदार्थ क्या था और उसकी प्रकृति कैसी थी।
विज्ञापन
पूछताछ में सामने आया है कि सराफा कारोबारियों ने जमीन और रुपये का लालच देकर यह हत्या करवाई। तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमें इस मामले में अब तक 42 लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। पुलिस के अनुसार लखरांव गांव के मुन्नीलाल यादव का बेटा सोनू ही धमाके का मास्टर माइंड है। उसी पर विस्फोटक तैयार करने का शक है।
विज्ञापन
पढें: बनारस आईईडी ब्लास्ट: रात में घर के बाहर सोए थे पिता-पुत्र, सुबह चिथड़े में मिली दोनों की लाश
विज्ञापन
क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में सामने आया है कि सोनू ने मैकेनिकल ट्रेड से आईटीआई की पढ़ाई की है। मिर्जापुर में सीमेंट फैक्ट्री और पत्थर की खदान में काम करने के दौरान उसने विस्फोटक पदार्थ और इससे जुड़ी जानकारियां हासिल कीं।
गुरुवार को पुलिस ने उसकी तलाश में मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर और बनारस में कई स्थानों पर छापेमारी की। मगर, उसके बारे में कोई इनपुट नहीं मिला। एक टीम बिहार के बक्सर भेजी गई है जहां उसके कुछ दोस्त रहते हैं।
लालजी के भाई श्याम जी की तहरीर पर सराफा कारोबारी चौक क्षेत्र के प्रतीक वर्मा व उसके परिवार के किरन चंद वर्मा, विपिन चंद वर्मा, विनोद चंद वर्मा और लखरांव के मुन्नीलाल यादव व उसके बेटे सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच एजेंसियों ने आशंका जताई है कि हत्या के लिए डेटोनेटर फ्यूज र्को आईईडी से कनेक्ट कर बैटरी की मदद से धमाका किया गया। सोनू को छोड़कर अन्य आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं। पिता-पुत्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी हत्या में उपयोग किया गया विस्फोटक कम क्षमता का था।
प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि धमाके के लिए अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, मौके से एकत्र किए गए सैंपल को जांच के लिए आगरा स्थित फोरेंसिक लैब भेजा गया है। एसएसपी ने बताया कि आगरा से रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता लग सकेगा कि विस्फोटक पदार्थ क्या था और उसकी प्रकृति कैसी थी।
घटनास्थल से ही बरामद हुई आरोपी की साइकिल
मृतक के गमजदा रिश्तेदार
- फोटो : amar ujala
सराफा कारोबारी वर्मा परिवार और लालजी के बीच मिल्कोपुर स्थित सड़क किनारे की 20 बिस्वा जमीन पर काबिज होने के लिए एक अरसे से विवाद के साथ ही मुकदमेबाजी चल रही है। इस जमीन की देखरेख मुन्नीलाल यादव करता है। बदले मुन्नीलाल को प्रतिमाह पांच हजार रुपया मिलता था।
क्राइम ब्रांच के अनुसार वर्मा परिवार ने मुन्नीलाल को लालच दिया कि यदि वह उनके राह के रोड़े लालजी को रास्ते हटवा दे तो उसे सड़क किनारे की कीमती जमीन और रुपया दिया जाएगा। इससे उससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। इसी लालच में मुन्नीलाल के बेटे सोनू ने पिता-पुत्र की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
पढें: बनारस आईईडी ब्लास्ट: पांचवीं कक्षा के छात्र ने बयां किया खौफनाक मंजर, कांप उठी रूह
इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि वारदात से जुड़े प्रत्येक बिंदु के आधार पर हमारी तफ्तीश जारी है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और वारदात का जल्द खुलासा होगा। हिरासत में लिए गए पांचों नामजद आरोपियों से एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री और आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने भी पूछताछ की।
पुलिस ने लालजी यादव के घर के समीप से एक साइकिल बरामद की है। बताया गया है कि बरामद साइकिल वारदात के आरोपी मुन्नीलाल यादव की है। उधर, लालजी के भतीजे 10 वर्षीय मंजीत ने बताया कि मंगलवार की रात जब विस्फोट हुआ तो वो भाग कर सड़क पार स्थित अस्पताल में गया था। वहां फुल्ली सोया हुआ था। उसको जगाया और बताया कि फूफा को खून बह रहा है लेकिन उसने कहा कि चुपचाप सो जाओ, सुबह देखा जाएगा।
क्राइम ब्रांच के अनुसार वर्मा परिवार ने मुन्नीलाल को लालच दिया कि यदि वह उनके राह के रोड़े लालजी को रास्ते हटवा दे तो उसे सड़क किनारे की कीमती जमीन और रुपया दिया जाएगा। इससे उससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। इसी लालच में मुन्नीलाल के बेटे सोनू ने पिता-पुत्र की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
पढें: बनारस आईईडी ब्लास्ट: पांचवीं कक्षा के छात्र ने बयां किया खौफनाक मंजर, कांप उठी रूह
इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि वारदात से जुड़े प्रत्येक बिंदु के आधार पर हमारी तफ्तीश जारी है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और वारदात का जल्द खुलासा होगा। हिरासत में लिए गए पांचों नामजद आरोपियों से एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री और आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने भी पूछताछ की।
पुलिस ने लालजी यादव के घर के समीप से एक साइकिल बरामद की है। बताया गया है कि बरामद साइकिल वारदात के आरोपी मुन्नीलाल यादव की है। उधर, लालजी के भतीजे 10 वर्षीय मंजीत ने बताया कि मंगलवार की रात जब विस्फोट हुआ तो वो भाग कर सड़क पार स्थित अस्पताल में गया था। वहां फुल्ली सोया हुआ था। उसको जगाया और बताया कि फूफा को खून बह रहा है लेकिन उसने कहा कि चुपचाप सो जाओ, सुबह देखा जाएगा।
देर रात घर पहुंची लालजी की पत्नी हुई बेहोश
रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
लालजी की पत्नी प्रभावती देवी अपने बेटे सत्यप्रकाश और बहनोई बंशीनारायण यादव के साथ गुरुवार की देर रात मुंबई से पचरांव स्थिति पैतृक घर पहुंची। घर का माहौल गमगीन और महिलाओं को रोते देख पहले तो प्रभावती देवी को कुछ समझ में ही नहीं आया। उसने पति और बड़े बेटे के बारे में पूछा तो श्यामजी फफक कर रोने लगे।
जब उसे लालजी और अजय की हत्या के बारे में बताया गया तो वो अचेत हो गई। होश आने पर वह बार-बार यही कह रही थी कि कितनी अभागिन हूं मैं कि पति और बेटे का चेहरा भी नहीं देख सकी। प्रभावती का बिलखना देख उसे ढांढस बंधा रही परिवार की महिलाओं की भी हिम्मत जवाब दे रही थी। उधर, उसके बेटे सत्यप्रकाश को भी परिजन बड़ी ही मशक्कत से संभाला।
पढें: बनारस आईईडी ब्लास्टः 32 वर्ष पुराने विस्फोट की याद हुई ताजा, तब नहीं जले थे कई गांवों में चूल्हे
व्यापारी लालजी यादव और उनके बेटे अजय की सनसनीखेज तरीके से की गई हत्या से मिल्कोपुर ही नहीं आसपास के गांवों के ग्रामीण भी दहल गए हैं। पिता-पुत्र की हत्या के दूसरे दिन गुरुवार को मिल्कोपुर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। चट्टी-चौराहों की चाय-पान की दुकानों पर वारदात की भयावहता की ग्रामीण चर्चा करते रहे। गांव में तीन थानों की फोर्स और एक कंपनी पीएसी के जवान तैनात रहे।
इसके साथ ही अलग-अलग जांच एजेंसियां घटनास्थल का मुआयना करती रहीं। उधर, इससे पहले बुधवार की रात हरिश्चंद्र घाट पर पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार किया गया, जहां मुखाग्नि लालजी के छोटे भाई श्यामजी ने दी।
पिता-पुत्र की हत्या मिल्कोपुर के साथ उनके पैतृक गांव पचरांव के अलावा शंकरपुर, मढ़नी, महासीपुर और तोफापुर के अलावा आसपास के अन्य गांवों के ग्रामीणों की जुबान पर छायी हुई है। वारदात से भयभीत ग्रामीणों ने घरों के बाहर सोना बंद कर दिया है। ऐसी वारदात नक्सल प्रभावित इलाकों में ही सुनाई देती थी।
मिल्कोपुर और आसपास के ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि बलुआ घाट पर पुल जाने के बाद चंदौली के रास्ते होते हुए नक्सलियों ने तो पिता-पुत्र की हत्या नहीं की है। इस बीच नक्सली हमले से जुड़ी घटनाओं को भी ग्रामीण एक-दूसरे से साझा करते रहे। वहीं, पुलिस ग्रामीणों को आश्वस्त कर रही थी कि ऐसा कुछ भी नहीं है और सभी लोग निडर होकर अपने घर में रहें।
जब उसे लालजी और अजय की हत्या के बारे में बताया गया तो वो अचेत हो गई। होश आने पर वह बार-बार यही कह रही थी कि कितनी अभागिन हूं मैं कि पति और बेटे का चेहरा भी नहीं देख सकी। प्रभावती का बिलखना देख उसे ढांढस बंधा रही परिवार की महिलाओं की भी हिम्मत जवाब दे रही थी। उधर, उसके बेटे सत्यप्रकाश को भी परिजन बड़ी ही मशक्कत से संभाला।
पढें: बनारस आईईडी ब्लास्टः 32 वर्ष पुराने विस्फोट की याद हुई ताजा, तब नहीं जले थे कई गांवों में चूल्हे
व्यापारी लालजी यादव और उनके बेटे अजय की सनसनीखेज तरीके से की गई हत्या से मिल्कोपुर ही नहीं आसपास के गांवों के ग्रामीण भी दहल गए हैं। पिता-पुत्र की हत्या के दूसरे दिन गुरुवार को मिल्कोपुर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। चट्टी-चौराहों की चाय-पान की दुकानों पर वारदात की भयावहता की ग्रामीण चर्चा करते रहे। गांव में तीन थानों की फोर्स और एक कंपनी पीएसी के जवान तैनात रहे।
इसके साथ ही अलग-अलग जांच एजेंसियां घटनास्थल का मुआयना करती रहीं। उधर, इससे पहले बुधवार की रात हरिश्चंद्र घाट पर पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार किया गया, जहां मुखाग्नि लालजी के छोटे भाई श्यामजी ने दी।
पिता-पुत्र की हत्या मिल्कोपुर के साथ उनके पैतृक गांव पचरांव के अलावा शंकरपुर, मढ़नी, महासीपुर और तोफापुर के अलावा आसपास के अन्य गांवों के ग्रामीणों की जुबान पर छायी हुई है। वारदात से भयभीत ग्रामीणों ने घरों के बाहर सोना बंद कर दिया है। ऐसी वारदात नक्सल प्रभावित इलाकों में ही सुनाई देती थी।
मिल्कोपुर और आसपास के ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि बलुआ घाट पर पुल जाने के बाद चंदौली के रास्ते होते हुए नक्सलियों ने तो पिता-पुत्र की हत्या नहीं की है। इस बीच नक्सली हमले से जुड़ी घटनाओं को भी ग्रामीण एक-दूसरे से साझा करते रहे। वहीं, पुलिस ग्रामीणों को आश्वस्त कर रही थी कि ऐसा कुछ भी नहीं है और सभी लोग निडर होकर अपने घर में रहें।
...तो क्या मुकदमे की पैरोकारी लालजी की जान पर भारी पड़ी
मृतक लालजी यादव का भाई
- फोटो : amar ujala
व्यापारी लालजी यादव के रिश्तेदारों का कहना है कि मिल्कोपुर में जहां उनका मकान और दुकान है उसके पीछे महासीपुर गांव की आराजी में लगभग 10 बीघा जमीन कभी कृष्णा इंडस्ट्रीज के नाम हुआ करती थी। इस जमीन के मालिक सिगरा क्षेत्र निवासी बासदेव सिंधिया ने पटाखा का कारखाना लगा रखा था।
1986 में फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए थे। बाद में बासदेव ने इस जमीन को चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी किरनचंद वर्मा को बेच दी थी। इस जमीन की देखरेख लखरांव की मुन्नीलाल यादव करता था। इसे लेकर वर्षों से विवाद चल रहा है।
पढें: बनारस आईईडी ब्लास्टः दस बिस्वा जमीन के लिए दो महीने पहले चिथड़े उड़ा देने की दी थी धमकी
रिश्तेदारों ने बताया कि किरनचंद वर्मा की जमीन महासीपुर आराजी में है और उसने सीमावर्ती गांव मिल्कोपुर की एक बीघा से ज्यादा जमीन अपनी जमीन में मिला ली है। इसे लेकर लालजी यादव सहित 20 लोग ने पैमाइश कराई और मामला न्यायालय में भी चल रहा है। सभी 20 लोगों के मुकदमे की अगुवाई लालजी करते थे।
इसे लेकर दो माह पूर्व कहासुनी हुई थी और मुन्नीलाल के बेटे सोनू ने बम से उड़ा देने की धमकी दी थी। मिल्कोपुर गांव के जमीन विवाद को पुलिस यदि गंभीरता से लेकर समय रहते ठोस उपाय की होती तो शायद ऐसी नौबत न आती। पिता-पुत्र की हत्या के बाद मिल्कोपुर और आसपास के ग्रामीणों की जुबान पर यह बात छायी हुई है। ग्रामीणों में खासा आक्रोश व्याप्त है।
सभी का कहना है कि इतनी बड़ी साजिश कर विस्फोटक पदार्थ से धमाका किया गया और स्थानीय खुफिया इकाइयों को भनक तक नहीं लगी। खुफिया तंत्र एक बार फिर से पूरी तरह विफल रहा और अपराधी अपने मंसूबे में सफल रहे। ग्रामीणों ने मांग की है कि आरोपियों को तो सजा दी ही जाए, इसके लिए कसूरवार पुलिसकर्मियों और खुफिया विभाग के कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
1986 में फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए थे। बाद में बासदेव ने इस जमीन को चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी किरनचंद वर्मा को बेच दी थी। इस जमीन की देखरेख लखरांव की मुन्नीलाल यादव करता था। इसे लेकर वर्षों से विवाद चल रहा है।
पढें: बनारस आईईडी ब्लास्टः दस बिस्वा जमीन के लिए दो महीने पहले चिथड़े उड़ा देने की दी थी धमकी
रिश्तेदारों ने बताया कि किरनचंद वर्मा की जमीन महासीपुर आराजी में है और उसने सीमावर्ती गांव मिल्कोपुर की एक बीघा से ज्यादा जमीन अपनी जमीन में मिला ली है। इसे लेकर लालजी यादव सहित 20 लोग ने पैमाइश कराई और मामला न्यायालय में भी चल रहा है। सभी 20 लोगों के मुकदमे की अगुवाई लालजी करते थे।
इसे लेकर दो माह पूर्व कहासुनी हुई थी और मुन्नीलाल के बेटे सोनू ने बम से उड़ा देने की धमकी दी थी। मिल्कोपुर गांव के जमीन विवाद को पुलिस यदि गंभीरता से लेकर समय रहते ठोस उपाय की होती तो शायद ऐसी नौबत न आती। पिता-पुत्र की हत्या के बाद मिल्कोपुर और आसपास के ग्रामीणों की जुबान पर यह बात छायी हुई है। ग्रामीणों में खासा आक्रोश व्याप्त है।
सभी का कहना है कि इतनी बड़ी साजिश कर विस्फोटक पदार्थ से धमाका किया गया और स्थानीय खुफिया इकाइयों को भनक तक नहीं लगी। खुफिया तंत्र एक बार फिर से पूरी तरह विफल रहा और अपराधी अपने मंसूबे में सफल रहे। ग्रामीणों ने मांग की है कि आरोपियों को तो सजा दी ही जाए, इसके लिए कसूरवार पुलिसकर्मियों और खुफिया विभाग के कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।