{"_id":"608472b58ebc3e5912315193","slug":"hydrogen-energy-expert-prof-on-srivastava-passed-away-city-news-vns586619077","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाइड्रोजन ऊर्जा विशेषज्ञ प्रो. ओएन श्रीवास्तव का निधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाइड्रोजन ऊर्जा विशेषज्ञ प्रो. ओएन श्रीवास्तव का निधन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। हाइड्रोजन ऊर्जा और नैनो साइंस के विशेषज्ञ पद्मश्री प्रो.ओएन श्रीवास्तव का शनिवार को कोरोना से निधन हो गया। बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में उनका इलाज चल रहा था। हरिश्चंद्र घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
बीएचयू के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर रहे ओएन श्रीवास्तव डिस्टिंग्विश प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे। पिछले दिनों तबीयत खराब होने के बाद उन्हें बीएचयू में भर्ती कराया गया था।
प्रोफेसर श्रीवास्तव ने हाइड्रोजन ऊर्जा से चलने वाली कार के माध्यम से प्रदूषण की समस्या का बड़ा समाधान दिया था। उनके द्वारा बनाई गई हाइड्रोजन कार की सवारी 2013 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भी कर चुके हैं। बीएचयू से ही 1971 में एमएससी, फिर पीएचडी करने के बाद उन्होंने यहां अपनी सेवाएं भी दी। विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो.एके त्रिपाठी ने प्रो.श्रीवास्तव के निधन को विज्ञान जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। बताया कि शांति स्वरूप भटनागर सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले प्रो. श्रीवास्तव ने हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य किया। प्रो. श्रीवास्तव को 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पद्मश्री सम्मान से नवाजा था। इसके अलावा गोयल अवार्ड सहित अन्य अवार्ड भी मिल चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएचयू के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर रहे ओएन श्रीवास्तव डिस्टिंग्विश प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे। पिछले दिनों तबीयत खराब होने के बाद उन्हें बीएचयू में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन
प्रोफेसर श्रीवास्तव ने हाइड्रोजन ऊर्जा से चलने वाली कार के माध्यम से प्रदूषण की समस्या का बड़ा समाधान दिया था। उनके द्वारा बनाई गई हाइड्रोजन कार की सवारी 2013 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भी कर चुके हैं। बीएचयू से ही 1971 में एमएससी, फिर पीएचडी करने के बाद उन्होंने यहां अपनी सेवाएं भी दी। विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो.एके त्रिपाठी ने प्रो.श्रीवास्तव के निधन को विज्ञान जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। बताया कि शांति स्वरूप भटनागर सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले प्रो. श्रीवास्तव ने हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य किया। प्रो. श्रीवास्तव को 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पद्मश्री सम्मान से नवाजा था। इसके अलावा गोयल अवार्ड सहित अन्य अवार्ड भी मिल चुके हैं।
विज्ञापन