यूपी: धान क्रय केंद्रों के बाहर रखे सैकड़ों बोरे भीगे, एनएच व सड़कों को बनाया गोदाम
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गाजीपुर जिले में धान खरीद की गति काफी धीमी होने किसान परेशान हैं। महीनेभर पहले नंबर लगने के बाद भी लोगों का धान नहीं खरीदा गया है। क्रय केंद्रों पर बोरे तक उपलब्ध नहीं हैं। किसानों को बोरा भी खुद ही देना पड़ रहा है।
वर्तमान में धान को गोदाम तक भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है। मिलर भी धान नहीं ले रहे हैं। अधिकतर क्रय केंद्रों पर गोदाम की क्षमता कम होने से सैकड़ों एकड़ धान खुले आसमान के नीचे रखा गया है। कई जगह एनएच और सड़क को ही गोदाम बना दिया गया है।
जनपद में कुल धान क्रय केंद्रों की संख्या 136 है। जिला प्रशासन का दावा है कि सभी धान क्रय केंद्रों पर कम या अधिक धान की खरीद की जा रही है। लेकिन कई ऐसे धान क्रय केंद्र हैं, जहां पर अभी तक किसान भटक रहे हैं।
धान में नमी, बोरा उपलब्ध न होना और तौल सही न होने की वजह से किसान नाराज हैं। कुछ जगह किसानों के अधिक मात्रा में पहुंचने के बाद भी उनके धान केंद्र प्रभारी द्वारा नहीं लिया जा रहा है। सभी जगह बिचौलियों का धान खरीदा जा रहा है। जबकि किसान केंद्रों से लौट जा रहे हैं।
इस संबंध में धान क्रय केंद्र प्रभारियों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन के बाद किसानों के नियमानुसार नंबर आने पर उनके धान खरीदे जा रहे हैं। एक किसान से मानक के अनुसार ही ध्यान लिया जा रहा है।
जिला अधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि जनपद में धान खरीद को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। बिचौलियों का खेल बंद करने के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। इस संबंध में धान क्रय केंद्र प्रभारियों एवं ठेकेदारों की बैठक बुलाई गई है।कोई भी किसान अपना धान देना चाहता है, वह निश्चिंत होकर क्रयकेंद्र पर धान बेच सकता है। लेकिन बिचौलियों और दलालों की सूची तैयार की जा रही है। उन पर बहुत जल्द कार्रवाई की जाएगी।