फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Hundreds of sacks kept outside paddy purchasing centers NH and roads built godowns in ghazipur up

यूपी: धान क्रय केंद्रों के बाहर रखे सैकड़ों बोरे भीगे, एनएच व सड़कों को बनाया गोदाम

Wed, 16 Dec 2020 05:12 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 16 Dec 2020 05:12 PM IST
विज्ञापन
Hundreds of sacks kept outside paddy purchasing centers NH and roads built godowns in ghazipur up
रोड किनारे पड़े धान के बोरे। - फोटो : अमर उजाला।

गाजीपुर जिले में धान खरीद की गति काफी धीमी होने किसान परेशान हैं। महीनेभर पहले नंबर लगने के बाद भी लोगों का धान नहीं खरीदा गया है। क्रय केंद्रों पर बोरे तक उपलब्ध नहीं हैं। किसानों को बोरा भी खुद ही देना पड़ रहा है।

विज्ञापन

वर्तमान में धान को गोदाम तक भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है। मिलर भी धान नहीं ले रहे हैं। अधिकतर क्रय केंद्रों पर गोदाम की क्षमता कम होने से सैकड़ों एकड़ धान खुले आसमान के नीचे रखा गया है। कई जगह एनएच और सड़क को ही गोदाम बना दिया गया है।
विज्ञापन



जनपद में कुल धान क्रय केंद्रों की संख्या 136 है। जिला प्रशासन का दावा है कि सभी धान क्रय केंद्रों पर कम या अधिक धान की खरीद की जा रही है। लेकिन कई ऐसे धान क्रय केंद्र हैं, जहां पर अभी तक किसान भटक रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

धान में नमी, बोरा उपलब्ध न होना और तौल सही न होने की वजह से किसान नाराज हैं। कुछ जगह किसानों के अधिक मात्रा में पहुंचने के बाद भी उनके धान केंद्र प्रभारी द्वारा नहीं लिया जा रहा है। सभी जगह बिचौलियों का धान खरीदा जा रहा है। जबकि किसान केंद्रों से लौट जा रहे हैं।

इस संबंध में धान क्रय केंद्र प्रभारियों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन के बाद किसानों के नियमानुसार नंबर आने पर उनके धान खरीदे जा रहे हैं। एक किसान से मानक के अनुसार ही ध्यान लिया जा रहा है।

जिला अधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि जनपद में धान खरीद को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। बिचौलियों का खेल बंद करने के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई है। इस संबंध में धान क्रय केंद्र प्रभारियों एवं ठेकेदारों की बैठक बुलाई गई है।कोई भी किसान अपना धान देना चाहता है, वह निश्चिंत होकर क्रयकेंद्र पर धान बेच सकता है। लेकिन बिचौलियों और दलालों की सूची तैयार की जा रही है। उन पर बहुत जल्द कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed