यूपी: गंगा की कटान के भेंट चढ़ गया डीहबाबा का सौ साल पुराना मंदिर
चंदौली जिले में बारिश कम होने से गंगा के जल स्तर में कमी आने लगी है। इससे गंगा कटान में तेजी आ गई है। शुक्रवार की रात कुंडा खुर्द गांव के मल्लाह बस्ती में गंगा के तट पर सौ वर्ष पुराना डीह बाबा का मंदिर गंगा कटान की भेंट चढ़ गया। साथ ही मंदिर से सटा विशाल नीम का पेड़ भी गंगा में गिर गया। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
जिले में गंगा कटान बड़ी समस्या है। नियामताबाद, चहनियां और धानापुर ब्लाक के दर्जनों गांव में गंगा कटान प्रति वर्ष सैकड़ों एकड़ भूमि गंगा कटान की भेंट चढ़ जाती है। नियामताबाद विकास खंड के बहादुरपुर, कुंडाखुर्द, कुंडा कला, मवई कला, सहजौर, कुरहना आदि गांवों में पानी के घटाव के साथ मिट्टी का कटान तेज हो गया है।
कुंडा खुर्द गांव के मल्लाह बस्ती में गंगा के तट पर सौ वर्ष पुराना डीह बाबा का मंदिर था। शुक्रवार को आधी रात के वक्त पूरी मंदिर भरभरा कर गंगा नदी में समा गई। मंदिर के समीप स्थित नीम का पेड भी गंगा नदी में समा गया। डीह बाबा मंदिर से सटे ही हनुमान मंदिर और विशाल पीपल का पेड़ है। वह बच गया है।
सुबह बस्ती के लोग पूजा करने पहुंचे तो मंदिर गायब मिला। इससे बस्ती के लोगों में दहशत है। गांव के लोगों ने बताया कि इस वर्ष अब तक गांव के दुलारे, विनोद, मान सिह, भानू, विजय की आदि की बोई गई फसल सहित जमीन गंगा में समा चुकी है।
प्रति दिन डेढ़ से दो एकड़ भूमि गंगा में समा रही है लेकिन अब तक न तो कटान रोकने की पहल हुइ और न ही बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बहादुरपुर से मल्लाह बस्ती जाने वाला लिंक रोड का बड़ा हिस्सा गंगा में समा चुका है। यदि जल्द ही दूसरा रास्त नहीं बनाया गया तो गांव में आने के लिए रास्ता भी नहीं बचेगा।