{"_id":"6655f23e11b2251835068266","slug":"hundred-hospitals-and-nursing-homes-running-without-fire-noc-in-varanasi-2024-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: बिना फायर NOC चल रहे 100 अस्पताल और नर्सिंग होम, 690 ने ली एनओसी; जानें- अन्य आंकड़ें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: बिना फायर NOC चल रहे 100 अस्पताल और नर्सिंग होम, 690 ने ली एनओसी; जानें- अन्य आंकड़ें
Tue, 28 May 2024 08:34 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Tue, 28 May 2024 08:34 PM IST
सार
Varanasi News: अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि 100 से अधिक अस्पताल, नर्सिंग होम बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं। अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक खोलने के लिए नियमानुसार फायर विभाग की एनओसी लेनी पड़ती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है और पोर्टल पर डाटा फीड होता है। फायर विभाग में पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, जिले में 690 ने ही एनओसी ली है।
विज्ञापन
बीएचयू अस्पताल में लगा यंत्र।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी में निजी अस्प्ताल, नर्सिंग होम से लेकर क्लीनिक तक की संख्या करीब 800 से अधिक हैं। मरीजों की जांच, इलाज की सुविधा के साथ ही नियमानुसार फायर की एनओसी अनिवार्य है। दिल्ली के बेबी केयर सेंटर जैसी घटनाओं से निपटने के लिए जिले के अस्पतालों, नर्सिंग होम में कई खामियां हैं।
विज्ञापन
बीएचयू अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में 200 से अधिक बच्चे आते हैं। विभाग में चलने वाले वार्ड, पीआईसीयू में 100 से अधिक बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सोमवार को पड़ताल में अग्निशमन यंत्र यहां लगा मिला, लेकिन आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए पाइप लाइन से बचाव वाला सिस्टम नहीं दिखा।
विज्ञापन
पहले तल पर एक वार्ड में पाइप लाइन लगाने का काम नये सिरे से चल रहा है। एक से दो महीने में काम पूरा होने की संभावना है। उधर, ओपीडी से लेकर वार्ड तक कई जगहों पर अग्निशमन यंत्र लगे हैं, जिनकी रिफिलिंग तिथि बीत चुकी है।
विज्ञापन
बोले अधिकारी
निजी अस्पताल और नर्सिंग होम के साथ ही अन्य चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों को मिलाकर कुल 690 लोगों ने एनओसी ली है। इनका डेटा पोर्टल पर अपलोड है। आग लगने से बचाव के लिए समय-समय पर प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाता है। लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाता है। नियमानुसार सभी को फायर एनओसी लेनी चाहिए। - आनंद सिंह राजपूत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी