यूपी: गरीब कैसे भरेगा अपना पेट, जब सरकार से खाने को मिल रहा सड़ा अनाज
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कोरोना महामारी ने सबसे बड़ा कहर गरीबों पर ढाया है। रोजगार और मजदूरी छूट जाने से इन गरीबों के परिवार को भर पेट भोजन तक नसीब नहीं हो रहा है। इनके घर में कई-कई दिनों तक चूल्हे ठंडे पड़ जा रहे हैं। ऐसे में गरीबों के लिए सरकार की बनी खद्यान्न आपूर्ति योजना में भी घुन लग चुका है।
दरअसल गाजीपुर जिले के सैकड़ों गरीब परिवार को दिया जाने वाला छूट का मासिक राशन भी सड़ा हुआ है। जब इस अनदेखी की पड़ताल की गई, तो नवापुरा में राशन की दुकान पर सरकार एवं कोटेदार के काले कारनामे पर से पर्दा उठ गया। राशन की दुकान में कार्ड धारकों को वितरित किए जाने वाले गेहूं बुरी तरह से सड़ा हुआ पाया गया।
सीलन से कीड़े लग चुके गुडवत्ता विहीन गेहूं किसी भी सूरत में खाने लायक नहीं बचे थे। जब इस बावत कोटेदार से पूछा गया तो दो टूक जवाब मिला कि हमें जो राशन सरकारी गोदाम से आवंटित हुआ, उसे बांट रहे हैं।
ऐसे में गरीबों को हर महीने दिए जाने वाले राशन को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो चुका है कि आखिर गरीबी की मजाक सरकार के स्तर से उड़ाया जा रहा या फिर कोटेदारों की खुद के कारस्तानी का काला सच है।
उधर कोटे पर राशन के लिए पहुंचे कार्डधारकों का भी कहना है कि सरकारी कोटे की दुकान से दिया जाने वाला यह राशन खाने लायक नहीं रहता। बदबू भरा गेहूं और चावल बहुत ही मजबूरी में गरीब अपने हलक में उतारने को विवश हैं।