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एक और जर्जर मकान का हिस्सा गिरा
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वाराणसी। कई दिनों से हो रही बारिश के चलते शहर के जर्जर भवन गिरने लगे हैं। वहीं, नगर निगम की कार्रवाई मात्र नोटिस देने तक सीमित है। गुरुवार को भी अगस्त कुंडा क्षेत्र में एक भवन गिर गया। संयोग अच्छा रहा कि परिवार के सभी सदस्य घर के दूसरे हिस्से में थे, जिससे बड़ा हादसा बच गया।
दशाश्वमेध थाना अंतर्गत कालिया गली अगस्त कुंडा में कालिया कोठी के नाम से भवन है। गुरुवार को इसी भवन के पीछे की तरफ का एक हिस्सा गिर गया। भवन स्वामी वासुदेव नायक कालिया ने बताया कि मकान सौ साल से ज्यादा पुराना है। जिस हिस्से की दीवार ढही, उस हिस्से में कोई नहीं रहता है। इस लिए कोई नुकसान नहीं हुआ। इस भवन में अब भी छह किरायेदार रहते हैं। सूचना पाकर क्षेत्रीय पार्षद, नगर निगम के कर्मचारी और दशाश्वमेध पुलिस पहुंची और मलबा हटाकर रास्ता चालू कराया।
नगर निगम नोटिस जारी कर शहर के 300 से अधिक पुराने मकानों को जर्जर घोषित कर चुका है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर इनमें रह रहे हैं। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अजय कुमार सिंह ने बताया कि अधिकतर जर्जर मकान गंगा के किनारे वाले क्षेत्र में हैं और गरीबों के हैं। अगर नगर निगम इन घरों को गिरा देता है तो उस क्षेत्र में नव निर्माण मुश्किल है। ऐसे में ये लोग बेघर हो जाएंगे। इसलिए उन्हें घरों की मरम्मत कराने के लिए कहा जा रहा है।
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दशाश्वमेध थाना अंतर्गत कालिया गली अगस्त कुंडा में कालिया कोठी के नाम से भवन है। गुरुवार को इसी भवन के पीछे की तरफ का एक हिस्सा गिर गया। भवन स्वामी वासुदेव नायक कालिया ने बताया कि मकान सौ साल से ज्यादा पुराना है। जिस हिस्से की दीवार ढही, उस हिस्से में कोई नहीं रहता है। इस लिए कोई नुकसान नहीं हुआ। इस भवन में अब भी छह किरायेदार रहते हैं। सूचना पाकर क्षेत्रीय पार्षद, नगर निगम के कर्मचारी और दशाश्वमेध पुलिस पहुंची और मलबा हटाकर रास्ता चालू कराया।
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नगर निगम नोटिस जारी कर शहर के 300 से अधिक पुराने मकानों को जर्जर घोषित कर चुका है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर इनमें रह रहे हैं। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अजय कुमार सिंह ने बताया कि अधिकतर जर्जर मकान गंगा के किनारे वाले क्षेत्र में हैं और गरीबों के हैं। अगर नगर निगम इन घरों को गिरा देता है तो उस क्षेत्र में नव निर्माण मुश्किल है। ऐसे में ये लोग बेघर हो जाएंगे। इसलिए उन्हें घरों की मरम्मत कराने के लिए कहा जा रहा है।
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