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रामनगर की ऐतिहासिक रासलीला स्थगित
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रामनगर। श्रद्धालुओं को जैसी उम्मीद थी वही हुआ। रामनगर की रासलीला भी स्थगित कर दी गई। 11 अगस्त से शुरू होने वाली इस रासलीला का आयोजक रामनगर किला है। कोविड नियमों के मुताबिक धार्मिक उत्सवों और मेलों के आयोजन पर प्रतिबंध होने के कारण रासलीला स्थगित करने का निर्णय लिया गया। तिथि भ्रम के कारण 11 अगस्त की जगह मंगलवार की शाम ही रासलीला को लेकर कुछ सांकेतिक आयोजन किए गए।
कुंवर अंनत नारायण सिंह की मौजूदगी में मंगलवार की देर शाम रामबाग स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में झूलनोत्सव की झांकी सजाई गई। इसके बाद मथुरा वृंदावन से आए नंद लाल देवकीनंदन चौबे को कुंवर ने भोजन कराया। आयोजन को अति गोपनीय रखा गया था। बस इतनी रस्म के साथ ही इस साल रासलीला होने की संभावनाएं खत्म हो र्गइं।
बीते साल भी कोरोना के चलते रासलीला का आयोजन नही हुआ था। यह रासलीला मथुरा वृंदावन से आई रासमंडली 15 दिनों तक मंचित करती है। पीएन कालेज के सामने स्थित बाऊ साहब के बगीचे में बने स्थाई मंच पर इसका मंचन होता है। पहले दिन चौबे ब्राह्मणों को कुंवर द्वारा भोज कराया जाता है। अब अगले महीने से प्रस्तावित रामलीला का आयोजन भी नहीं होना तय है। क्योंकि रामलीला के प्रारंभिक चरणों मुख्य स्वरूपों का चयन और प्रथम गणेश पूजन हुआ ही नहीं। इसलिए अब रामलीला का स्थगन भी तय है।
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कुंवर अंनत नारायण सिंह की मौजूदगी में मंगलवार की देर शाम रामबाग स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में झूलनोत्सव की झांकी सजाई गई। इसके बाद मथुरा वृंदावन से आए नंद लाल देवकीनंदन चौबे को कुंवर ने भोजन कराया। आयोजन को अति गोपनीय रखा गया था। बस इतनी रस्म के साथ ही इस साल रासलीला होने की संभावनाएं खत्म हो र्गइं।
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बीते साल भी कोरोना के चलते रासलीला का आयोजन नही हुआ था। यह रासलीला मथुरा वृंदावन से आई रासमंडली 15 दिनों तक मंचित करती है। पीएन कालेज के सामने स्थित बाऊ साहब के बगीचे में बने स्थाई मंच पर इसका मंचन होता है। पहले दिन चौबे ब्राह्मणों को कुंवर द्वारा भोज कराया जाता है। अब अगले महीने से प्रस्तावित रामलीला का आयोजन भी नहीं होना तय है। क्योंकि रामलीला के प्रारंभिक चरणों मुख्य स्वरूपों का चयन और प्रथम गणेश पूजन हुआ ही नहीं। इसलिए अब रामलीला का स्थगन भी तय है।
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