Gyanvapi : ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे से पहले वाराणसी में हाई अलर्ट, मुस्लिम पक्ष ने किया बहिष्कार का एलान
Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य हिस्से का वैज्ञानिक सर्वे कराने का काम आज सुबह सात बजे शुरू हो जाएगा। इस सर्वे को लेकर वाराणसी जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतेगी।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम आज सुबह सात बजे से ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य हिस्से का सर्वे शुरू करेगी। इसके लिए एएसआई की 30 सदस्यीय टीम बनारस पहुंच गई है। इसकी पुष्टि जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने भी की है। हिंदू पक्ष ने जहां सर्वे में सहयोग की बात कही है। प्रशासन ने शहर में हाई अलर्ट किया है।
वहीं, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने जिला जज के आदेश के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का हवाला देकर सर्वे की तिथि आगे बढ़ाने की मांग रखी। साथ ही कहा कि सोमवार को सर्वे में शामिल नहीं होंगे और उसका बहिष्कार करेंगे। उधर, ज्ञानवापी परिसर के सर्वे को लेकर जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतेगी।
जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने बीते शुक्रवार को आदेश दिया था कि ज्ञानवापी परिसर स्थित सील वजूखाने को छोड़कर शेष अन्य हिस्से का एएसआई वैज्ञानिक जांच करे। साथ ही रिपोर्ट बनाकर चार अगस्त तक दे और बताए कि क्या मंदिर तोड़कर उसके ऊपर मस्जिद बनाई गई है।
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रविवार देर रात डीएम और सीपी ने की बैठक
रविवार देर शाम एएसआई के एडिशनल डिप्टी डायरेक्टर प्रो. आलोक त्रिपाठी ने पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और जिलाधिकारी एस राजलिंगम से मुलाकात करके सर्वे से जुड़े दोनों पक्षकारों की बैठक बुलाने का अनुरोध किया। एएसआई के कहने पर पुलिस आयुक्त और डीएम ने रविवार की देर रात अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी और हिंदू पक्ष के साथ अलग-अलग बैठक की। बैठक में अदालत के आदेश का हवाला देकर शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे का काम संपन्न कराने में सहयोग की अपील की गई। डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि एएसआई की टीम शहर में आ गई है। अदालत के आदेशानुसार, सोमवार सुबह से ज्ञानवापी परिसर में सर्वे का काम शुरू होगा।
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सर्वे के दौरान ये लोग रहेंगे मौजूद
सर्वे के दौरान ज्ञानवापी परिसर में एएसआई की 30 सदस्यीय टीम के अलावा हिंदू पक्ष की चार वादिनी महिला व उनके चार अधिवक्ता मौजूद रहेंगे। मसाजिद कमेटी से भी चार लोगों और उनके चार अधिवक्ताओं को रहने के लिए कहा गया है। इसके अलावा जिला शासकीय अधिवक्ता, राज्य सरकार के अधिवक्ता, केंद्र सरकार के अधिवक्ता, एडीएम सिटी और एक अपर पुलिस आयुक्त मौजूद रहेंगे। फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर कौन रहेंगे, इस संबंध में एएसआई को निर्णय लेना है।
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ज्ञानवापी के आसपास चप्पे-चप्पे पर रहेगी सुरक्षा
ज्ञानवापी परिसर सुरक्षा की दृष्टिकोण से संवेदनशील है। आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ के जवानों के पास है। पीएसी के जवान और पुलिसकर्मी भी तैनात हैं। ज्ञानवापी परिसर के बाहर और आसपास के इलाके में दो आईपीएस, दो एडिशनल एसपी, चार डिप्टी एसपी, 15 थानेदार, एक कंपनी पीएसी और एक कंपनी सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान तैनात रहेंगे।
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हिंदू पक्ष ने दाखिल किया कैविएट
सर्वे से संबंधित जिला जज की अदालत के फैसले के बाद हिंदू पक्ष ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल किया है। चार महिला वादिनी सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की जा चुकी है। इसी तरह मां श्रृंगार गौरी मुकदमे की एक अन्य वादिनी राखी सिंह की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की गई है। उनके अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि राखी सिंह एएसआई से सर्वे के समर्थन में हैं। कैविएट इसलिए दाखिल की गई है कि किसी भी आदेश से पहले उनके पक्ष को सुना जाए।
मुस्लिम पक्ष ने अवमानना वाद दाखिल किया
मुस्लिम पक्ष की तरफ से अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है। इस पर जल्द ही सुनवाई संभव है। कमेटी की तरफ से कहा गया कि ज्ञानवापी के सर्वे का आदेश नहीं दिया जा सकता है। जिला जज की अदालत का आदेश सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है।