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Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंपने समेत इन तीन मांगों पर अब 28 अगस्त को सुनवाई
Thu, 10 Aug 2023 04:21 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 10 Aug 2023 04:21 PM IST
सार
ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंपने सहित तीन मांगों से संबंधित मुकदमे की सुनवाई गुरुवार को नहीं हो सकी। सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के आदेश के खिलाफ इस मामले की सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
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ज्ञानवापी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट) की अदालत के आदेश के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से दाखिल रिवीजन याचिका पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। यह मामला जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में चल रहा है। अब सुनवाई की अगली तिथि 28 अगस्त तय की गई है।
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वादी किरन सिंह विसेन ने ज्ञानवापी परिसर को हिंदुओं को सौंपने, वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा करने का अधिकार देने और मुस्लिमों का प्रवेश प्रतिबंधित का अनुरोध सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट) की अदालत से किया था। इस पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से आपत्ति दाखिल की गई और कहा गया कि वाद सुनने योग्य नहीं है।
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दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने 17 नवंबर 2022 को वाद को सुनवाई योग्य बताया और मसाजिद कमेटी की आपत्ति खारिज कर दी। इस आदेश को मसाजिद कमेटी चुनौती देत हुए जिला जज की अदालत में रिवीजन याचिका दायर की है। किरन सिंह विसेन के अधिवक्ता मानबहादुर सिंह ने दलील में कहा कि जिला जज को रिवीजन याचिका सुनने का अधिकार नहीं है।
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इस पर अदालत ने कहा कि सिविल जज की अदालत के आदेश के खिलाफ रिवीजन याचिका दाखिल है। इसपर सुनवाई का अधिकार है। अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को बहस करने का अवसर दिया। साथ ही सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तिथि तय कर दी थी।