Varanasi: ज्ञानवापी प्रकरण की सुनवाई टली, अगली तारीख 23 जनवरी, परिसर में पूजा करने की है मांग
ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े कई प्रार्थना पत्रों पर सिविल जज सीनियर डिविजन अश्वनी कुमार की अदालत में गुरुवार को सुनवाई टल गई। अब इन सभी मामलों में सुनवाई की अगली तारीख 23 जनवरी नियत की गई है।
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ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े कई मामलों की सुनवाई गुरुवार को नहीं हो सकी। इन मामलों की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिविजन अश्वनी कुमार की अदालत में होनी थी। अब मामलों की अगली सुनवाई 23 जनवरी को होगी।
लखनऊ के सत्यम त्रिपाठी, आशीष कुमार शुक्ला व वाराणसी के पवन कुमार पाठक, सुप्रीमकोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री और भगवान आदि विश्वेश्वर, साध्वी पूर्णंबा, आदिविश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग और नंदी जी महाराज की ओर से सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में अलग-अलग तिथियों में अर्जी दी गई है। सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में दाखिल अर्जियों के माध्यम से पूजा का अधिकार देने की मांग की गई है।
अखिलेश-ओवैसी पर मुकदमा मामले में सुनवाई कल
ज्ञानवापी परिसर में मिले कथित शिवलिंग स्थित वजूखाने में गंदगी करने और नेताओं की बयानबाजी को लेकर दाखिल वाद में शुक्रवार को सुनवाई होगी। एसीजेएम पंचम/एमपी-एमएलए कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था।
आरोप लगाया कि ज्ञानवापी परिसर में नमाजियों की ओर से वजूखाने में गंदगी फैलाई जाती है। जबकि वह स्थान हमारे आराध्य भगवान शिव का है। यह हिंदू समाज के लिए अपमानजनक है। साथ ही सर्वे में मिली शिवलिंग की आकृति को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि ने बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया है।
अधिवक्ता ने ज्ञानवापी मस्जिद के अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल वाकी, मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासीन और बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है।