हरि प्रबोधन एकादशी आज: योगनिद्रा से जागे श्रीहरी, तुलसी और शालिग्राम विग्रह की पूजा करेंगे श्रद्धालु
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चार माह के बाद कार्तिक माह की एकादशी तिथि पर शुक्रवार को श्रीहरी भगवान विष्णु योगनिद्रा से जाग जाएंगे। इसके साथ ही चार माह से बंद चल रहे विवाह सहित सभी अन्य शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे।
वहीं इस दिन श्रद्धालु मां तुलसी और श्रीभगवान के शालिग्राम विग्रह की पूजा-अर्चना करेंगे। इस दिन गन्ना खाने की भी पुरानी परंपरा रही है। इसके मद्देनजर बाजारों में गुरुवार को लोगों ने गन्ने की खरीदारी की।
Varanasi: People take holy dip and offer special prayers on Dev Uthani Ekadashi in the Kartik month. pic.twitter.com/mapnDJJvJ0
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP (@ANINewsUP) November 8, 2019
हिंदू धर्म की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हरिशयन एकादशी को श्रीहरी योगनिद्रा में लीन हो जाते हैं। इसके चार माह बाद कार्तिक माह की एकादशी तिथि पर भगवान श्रीविष्णु योगनिद्रा से जागते हैं। भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाते ही विवाह, गृहप्रवेश, अन्नप्राशन आदि शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं।
उनके योगनिद्रा से जागने के बाद सभी शुभ कार्य आरंभ हो जाते हैं। इसके अलावा इस एकादशी पर तुलसी-शालिग्राम विवाह की परंपरा है। वहीं इस दिन गन्ना खाना भी अति शुभ माना गया है। बाजारों में जगह-जगह गन्ना बेचने वालों की दुकानें लगी थीं जहां से लोग गन्ना खरीदकर ले जा रहे थे।