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प्रोत्साहन पैकेज से बुनकर भरेंगे उड़ान
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वाराणसी। अपनी कारीगरी व बुनकरी का सात समुंदर पार तक लोहा मनवाने वाले बुनकरों की बेहतरी को लेकर हथकरघा व वस्त्र उद्योग ने प्रोत्साहन पैकेज को लेकर खाका खींचा है। कार्य में और दक्षता लाने के लिए बुनकरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। डिजाइन, ट्रेनिंग और अन्य जानकारियां दी जाएंगी। जिसकी साप्ताहिक समीक्षा कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित एक टीम करेगी।
उच्च स्तर पर अब बुनकरों की हर मुसीबतों की कटनी-छंटनी करते उनके उत्थान पर जोर दिया जाएगा। वहीं नई योजनाओं की जानकारियां दी जाएंगी। लॉकडाउन में लौटे प्रवासियों को रोजगार से जोड़ने और नई योजनाओं के तहत आसानी से ऋण मुहैया कराने पर भी काम किया जा रहा है। जनपद में करीब 25 हजार बुनकर हैं। बनारसी वस्त्र उद्योग से जुड़े इन बुनकरों के उत्थान को लेकर बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बनाया गया है, जहां वह अपने उत्पाद सीधे बेच सकते है। हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से लौटे कारीगरों व बुनकरों को प्रोत्साहन पैकेज दिया जा रहा है। जिसका लाभ लेकर वह कामयाबी की उड़ान भर सकते हैं। हथकरघा को बढ़ावा देने को काशी में टेक्सटाइल पार्क भी प्रस्तावित है।
हथकरघा बुनकर के सहायक कर्मियों को मानदेय
-15-22 वर्ष आयु के ऐसे व्यक्ति जो हथकरघा वस्त्रों की बुनाई, रंगाई, डिजाइन आदि कार्यो में बुनकर के सहायक के रूप में कार्य करते हैं, ऐसे सहायक कर्मियों को 2 साल तक 1000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा।
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हथकरघा क्लस्टरों को अतिरिक्त अनुदान
राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित क्लस्टर प्रोजेक्ट में आवश्यकतानुसार पूर्ण कराने के लिए 15 लाख का अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाएगा। वहीं देश के बड़े शहरों में आयोजित विशेष प्रदर्शनी में बुनकरों व कारीगरों को मौका दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मुद्रा योजनांतर्गत हथकरघा बुनकरों को रियायती ऋण -बुनकरों को 7 प्रतिशत ब्याज उत्पादन की व्यवस्था है। 6 प्रतिशत ब्याज दर हथकरघा बुनकरों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत मार्जिन मनी प्रोजेक्ट कास्ट का 20 प्रतिशत अधिकतम 10000 तक देय है। इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत बुनकर, मास्टर बुनकर व हथकरघा उद्यमी को 50000 से 5 लाख तक ऋण मिल सकते हैं।
बुनकरों की बेहतरी के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बुनकरों व कारीगरों के लिए कई नई योजनाएं शुरू हुई हैं। विभाग में संपर्क कर बुनकर योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।-डॉ. नितेश धवन, सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग परिक्षेत्र, वाराणसी
नई योजनाओं की दी जानकारी
वाराणसी। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को हथकरघा उद्योग से जुड़ी वस्तुओं का प्रयोग कर इस उद्योग से जुड़े कारीगरों व बुनकरों की मदद पर लाइव चर्चा की गई। वाराणसी परिक्षेत्र (वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर व सोनभद्र) के हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. नितेश धवन व आर्य महिला पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विनीता ने हथकरघा उद्योग से जुड़े लोगों की मदद के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम का लाइव संचालन डॉ मानवेन्द्र सिंह चौहान प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, होली मेरी इंस्टीटूट ऑफ टेक्नोलॉजी हैदराबाद ने किया।
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उच्च स्तर पर अब बुनकरों की हर मुसीबतों की कटनी-छंटनी करते उनके उत्थान पर जोर दिया जाएगा। वहीं नई योजनाओं की जानकारियां दी जाएंगी। लॉकडाउन में लौटे प्रवासियों को रोजगार से जोड़ने और नई योजनाओं के तहत आसानी से ऋण मुहैया कराने पर भी काम किया जा रहा है। जनपद में करीब 25 हजार बुनकर हैं। बनारसी वस्त्र उद्योग से जुड़े इन बुनकरों के उत्थान को लेकर बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बनाया गया है, जहां वह अपने उत्पाद सीधे बेच सकते है। हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग की ओर से लौटे कारीगरों व बुनकरों को प्रोत्साहन पैकेज दिया जा रहा है। जिसका लाभ लेकर वह कामयाबी की उड़ान भर सकते हैं। हथकरघा को बढ़ावा देने को काशी में टेक्सटाइल पार्क भी प्रस्तावित है।
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हथकरघा बुनकर के सहायक कर्मियों को मानदेय
-15-22 वर्ष आयु के ऐसे व्यक्ति जो हथकरघा वस्त्रों की बुनाई, रंगाई, डिजाइन आदि कार्यो में बुनकर के सहायक के रूप में कार्य करते हैं, ऐसे सहायक कर्मियों को 2 साल तक 1000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा।
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हथकरघा क्लस्टरों को अतिरिक्त अनुदान
राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित क्लस्टर प्रोजेक्ट में आवश्यकतानुसार पूर्ण कराने के लिए 15 लाख का अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाएगा। वहीं देश के बड़े शहरों में आयोजित विशेष प्रदर्शनी में बुनकरों व कारीगरों को मौका दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मुद्रा योजनांतर्गत हथकरघा बुनकरों को रियायती ऋण -बुनकरों को 7 प्रतिशत ब्याज उत्पादन की व्यवस्था है। 6 प्रतिशत ब्याज दर हथकरघा बुनकरों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत मार्जिन मनी प्रोजेक्ट कास्ट का 20 प्रतिशत अधिकतम 10000 तक देय है। इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत बुनकर, मास्टर बुनकर व हथकरघा उद्यमी को 50000 से 5 लाख तक ऋण मिल सकते हैं।
बुनकरों की बेहतरी के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बुनकरों व कारीगरों के लिए कई नई योजनाएं शुरू हुई हैं। विभाग में संपर्क कर बुनकर योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।-डॉ. नितेश धवन, सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग परिक्षेत्र, वाराणसी
नई योजनाओं की दी जानकारी
वाराणसी। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को हथकरघा उद्योग से जुड़ी वस्तुओं का प्रयोग कर इस उद्योग से जुड़े कारीगरों व बुनकरों की मदद पर लाइव चर्चा की गई। वाराणसी परिक्षेत्र (वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर व सोनभद्र) के हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. नितेश धवन व आर्य महिला पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ विनीता ने हथकरघा उद्योग से जुड़े लोगों की मदद के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम का लाइव संचालन डॉ मानवेन्द्र सिंह चौहान प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, होली मेरी इंस्टीटूट ऑफ टेक्नोलॉजी हैदराबाद ने किया।