बीएचयू अस्पताल में कायाकल्प के तहत ओपीडी, वार्ड में बेहतर सुविधाओं का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन अभी भी कई ऐसी जरूरी सुविधाएं हैं, जिनके न होने से मरीजों को सांसत झेलनी पड़ रही है। मेडिसिन विभाग की ओपीडी के सामने मरीज जमीन पर बैठकर डॉक्टर को दिखाने के लिए इंतजार करते हैं। इस तरह की स्थिति तब है जब अस्पताल में अधिकारी समय-समय पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए दौरा करते हैं।
बीएचयू अस्पताल में हर दिन वाराणसी समेत आसपास के जिलों के साथ ही बिहार, झारखंड यहां तक कि नेपाल तक के मरीज आते हैं। अधिकांश मरीज अपने परिजनों के साथ एक दिन पहले शाम को ही आ जाते हैं। इन दिनों अस्पताल में मरीजों की भीड़ अधिक हो रही है। ओपीडी हाल के बीच में और चेस्ट डिपार्टमेंट, न्यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी आदि के सामने मरीजों के बैठने के लिए कुर्सियां लगवाई गई हैं, लेकिन मेडिसिन विभाग में यह व्यवस्था नहीं है। वह जमीन पर बैठकर इंतजार करने को मजबूर हैं। मंगलवार दोपहर में महिला, पुरुष सहित अन्य मरीज पर्चा कटाने और विभाग में नंबर लगवाकर जमीन पर बैठे रहे। पंजीकरण कक्ष से एक-एक कर नंबर जैसे बुलाया जा रहा था, वैसे मरीज अंदर जा रहे थे। जिस तरह से ओपीडी हॉल में फर्श बनवाने, लिफ्ट लगवाने, पेयजल आदि की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, अगर मरीजों के बैठने की व्यवस्थाएं हो जाए तो उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा।