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हजयात्रा: काशी से बंद हुईं उड़ानें तो 40% घटे जायरीन, वाराणसी इंबार्केशन बंद होने से आवेदन में आई कमी

Wed, 31 Jan 2024 07:18 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 31 Jan 2024 07:18 PM IST
सार

वाराणसी इंबार्केशन बंद होने से हज आवेदन में करीब 40 फीसदी की कमी आई है। इस बार 571 जायरीन हजयात्रा पर जाएंगे। आवेदन इतने कम आ रहे हैं कि जिले का कोटा भी नहीं भर पा रहा है। 

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Hajj Yatra pilgrims reduced by 40 percent when flights from Kashi to Kaaba stopped
हज यात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी से काबा की उड़ानें क्या बंद हुईं, यहां से हज पर जाने वाले जायरीन की संख्या भी कम हो गई। इस बार हज आवेदन में करीब 40 फीसदी की कमी आई है। आलम ये है कि आवेदन इतने कम आ रहे हैं कि जिले का कोटा भी नहीं भर पा रहा है। हजयात्रा-24 के लिए इस बार जिले से 571 ने आवेदन किया है और सभी का चयन भी हो गया है।
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वाराणसी इंबार्केशन से पूर्वांचल के 16 जिलों के जायरीन हज के मुकद्दस सफर पर जाते थे। काशी से काबा जाने के लिए दस हजार से अधिक आवेदन किए जाते थे। लॉटरी में काफी आवेदक बाहर हो जाते थे। उस वक्त पूर्वांचल से 3500 से पांच हजार से अधिक जायरीन हजयात्रा पर जाते थे। इस बार पूर्वांचल के 16 जिलों के 3003 जायरीन आवेदन किए हैं। सोमवार को निकली लॉटरी में सभी चयनित हो गए। 
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कोविड के दौरान जब वाराणसी इंबार्केशन से उड़ानें बंद हुईं तो आवेदन अपने आप कम होने लगे। अब तो जिले का कोटा भी नहीं भर पा रहा है। जो लोग हज के लिए आवेदन कर रहे हैं, सभी का चयन भी हो जा रहा है। इसके पीछे वजह ये है कि लखनऊ और दिल्ली से उड़ानें होने की वजह से हज का खर्च बढ़ जा रहा है। इसके अलावा हजयात्रा भी साल दर साल महंगी होती जा रही है।
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ये बन रहीं हैं परिस्थितियां

उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के प्रदेश को-ऑडिनेटर अरमान अहमद और मास्टर हज ट्रेनर अदनान खान ने बताया कि 2019 से काशी से काबा की उड़ानें बंद हैं। इस बार भी कम संख्या बताकर हज कमेटी ने वाराणसी इंबार्केशन बंद कर दिया। 2020-21 में कोरोना के चलते देशभर में हजयात्रा स्थगित रही। इसके बाद 2022 में हजयात्रा शुरू हुई, मगर हर देशों से हजयात्रियों की संख्या घटा दी गई। नतीजा, बनारस से 171 लोग हजयात्रा पर गए। 2023 में बनारस से हजयात्रा शुरू करने की तैयारी थी लेकिन, अंतिम वक्त में गो एयर के डिफाॅल्टर होने के बाद जायरीन को लखनऊ से भेजा गया। 2024 में एक बार फिर से वाराणसी इंबार्केशन से उड़ानें शुरू करने की घोषणा हुई लेकिन आवेदन फॉर्म भरे जाने के दौरान वाराणसी का नाम ही नहीं था।

14 सालों तक गईं काशी से काबा की उड़ानें
काशी से काबा की उड़ान 2007 से शुरू हुई और 2019 तक लगातार गईं। अदनान खान ने बताया कि 2007 के पहले लखनऊ से जायरीन जाते थे। हज कमेटी से मांग के बाद वाराणसी को इंबार्केशन बनाया गया था।

इस्लाम में हज है फर्ज

हज करना इस्लाम में फर्ज है। मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने बताया कि हज इस्लाम का चौथा अरकान है।
 
जिले             आवेदन (2024)
वाराणसी            571
सोनभद्र              27
प्रयागराज           568
मिर्जापुर             49
मऊ                 326
महाराजगंज       140
कुशीनगर          55
कौशाम्बी           93
जौनुपर             107
गोरखपुर           226
गाजीपुर            212
देवरिया            80
चंदौली             92
भदोही             88
बलिया             63
आजमगढ़        306

वर्ष        जाने वालों की संख्या (पूर्वांचल)
2023    लखनऊ से
2022    लखनऊ से
2021    निरस्त (कोविड)
2020    निरस्त (कोविड)
2019    2603
2018    3540
2017    5072
2016   3720
2015   3961

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