हज यात्रा: काशी से काबा जाने वाले जायरीन परेशान, वाराणसी इंबारकेशन केंद्र समाप्त, पूर्वांचल के 20 जिलों पर पड़ेगा असर
देश भर के कुल 21 इंबारकेशन केंद्रों में से वाराणसी सहित 11 केंद्रों को खत्म कर दिया गया है। इस बार हज यात्री केवल 10 इंबारकेशन केंद्रों से ही सऊदी की उड़ान भर सकेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दो साल से हज यात्रा का इंतजार कर रहे वाराणसी समेत पूर्वांचल के 20 जिलों के जायरीनों की परेशानी एक फैसले से बढ़ गई है। वाराणसी की जगह जायरीनों को अब लखनऊ से सऊदी के लिए विमान पर सवार होना पड़ेगा। दरअसल, देश भर के कुल 21 इंबारकेशन केंद्रों में से वाराणसी सहित 11 केंद्रों को खत्म कर दिया गया है। इस बार हज यात्री केवल 10 इंबारकेशन केंद्रों से ही सऊदी की उड़ान भर सकेंगे।
यह जानकारी शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने दी। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार है कि वाराणसी को हज यात्रा का केंद्र नहीं बनाया गया। वहीं, हज की जिम्मेदारी पहले विदेश मंत्रालय संभालता था, मगर इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय के पास इसकी जिम्मेदारी आ गई। इसके बाद इंबारकेशन केंद्र को बंद करने का आदेश आ गया।
सरकार से लगाई गुहार
कहा कि इस फैसले से पूर्वांचल के 20 जिलों के हज यात्रियों को परेशानी होगी। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई कि वाराणसी समेत सभी 11 इंबारकेशन केंद्रों को फिर से शुरू किया जाए। इस बार हर साल हज यात्रा में ज्यादा भीड़ होने का अनुमान है, क्योंकि कोरोना संकट काल के कारण दो साल से लोग इस मुकद्दस सफर का इंतजार कर रहे हैं।
हज यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी
वहीं, बंद हुए इंबारकेशन केंद्र में वाराणसी, गया, भोपाल, चेन्नई, कालीकट, गोवा, जयपुर, मंगलौर, रांची, नागपुर और औरंगाबाद शामिल हैं। यूपी में केवल एक सेंटर लखनऊ है। हज यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रक्रिया सात नवंबर से शुरू हो गई है और 10 दिसंबर तक चलेगी। इस बार बदले हुए नियमों के कारण सिर्फ 18 से 65 साल के लोगों को ही हज पर जाने की अनुमति होगी।
पढ़ेंः स्वच्छता रैंकिंग में तीन पायदान नीचे क्यों फिसला बनारस, जानिए कारण