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Varanasi News: भोलेनाथ की जटा खुलते ही दूर हो जाएगी ज्ञानवापी की उलझन
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ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद की संवाद शृंखला में बोले वक्ता
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि जिस दिन भोलेनाथ अपनी जटा खोलेंगे उस दिन ज्ञानवापी के मुकदमे की उलझन दूर हो जाएगी। शासन न्यायालय के निर्देश, ऐतिहासिक तथ्यों और प्रमाण के आधार पर हिंदू जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय ले। वह बृहस्पतिवार को ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद की ओर से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समिति कक्ष में ज्ञानवापी मुद्दा : प्रमुख पहलू संवाद शृंखला काे संबोधित कर रहे थे।
महापरिषद के अध्यक्ष पं. शिवकुमार शुक्ल ने कहा कि जो विषय इतिहास की किताबों को पढ़ने पर स्पष्ट नहीं हो पाएगा, समझाने से भी स्पष्ट नहीं हो पाएगा, वह माता शृंगार गौरी के सामने खड़े हो जाने भर से स्पष्ट हो जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण प्रमुख अभय कुमार शुक्ल ने इस्लाम की उत्पत्ति, ऐतिहासिक तथ्यों की व्याख्या की और काशी में मात्र काशी विश्वनाथ का मंदिर ही नहीं कृत्तिवासेश्वर, लाट भैरव, बिंदुमाधव जैसे अनेक हिंदू धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किए जाने पर चर्चा की।
डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र ने बताया कि ज्ञानवापी विवाद पर विविध पक्षों और विद्वानों के तर्कों के साथ कानूनी स्थितियों से जनमानस को अवगत कराना है। अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने ज्ञानवापी मुद्दे के कानूनी पक्ष पर प्रकाश डाला। इस दौरान शृंगार गौरी प्रकरण की वादिनी मंजू व्यास तथा रेखा पाठक को राजा आनंद ज्योति सिंह ने सम्मानित किया। संचालन पतंजलि पांडेय तथा धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक निगम ने किया। कार्यक्रम में अनिल रावल शास्त्री, दीप मेहरोत्रा, अखिलेश श्रीवास्तव, संजय उपस्थित थे।
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि जिस दिन भोलेनाथ अपनी जटा खोलेंगे उस दिन ज्ञानवापी के मुकदमे की उलझन दूर हो जाएगी। शासन न्यायालय के निर्देश, ऐतिहासिक तथ्यों और प्रमाण के आधार पर हिंदू जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय ले। वह बृहस्पतिवार को ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद की ओर से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समिति कक्ष में ज्ञानवापी मुद्दा : प्रमुख पहलू संवाद शृंखला काे संबोधित कर रहे थे।
महापरिषद के अध्यक्ष पं. शिवकुमार शुक्ल ने कहा कि जो विषय इतिहास की किताबों को पढ़ने पर स्पष्ट नहीं हो पाएगा, समझाने से भी स्पष्ट नहीं हो पाएगा, वह माता शृंगार गौरी के सामने खड़े हो जाने भर से स्पष्ट हो जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण प्रमुख अभय कुमार शुक्ल ने इस्लाम की उत्पत्ति, ऐतिहासिक तथ्यों की व्याख्या की और काशी में मात्र काशी विश्वनाथ का मंदिर ही नहीं कृत्तिवासेश्वर, लाट भैरव, बिंदुमाधव जैसे अनेक हिंदू धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किए जाने पर चर्चा की।
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डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र ने बताया कि ज्ञानवापी विवाद पर विविध पक्षों और विद्वानों के तर्कों के साथ कानूनी स्थितियों से जनमानस को अवगत कराना है। अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने ज्ञानवापी मुद्दे के कानूनी पक्ष पर प्रकाश डाला। इस दौरान शृंगार गौरी प्रकरण की वादिनी मंजू व्यास तथा रेखा पाठक को राजा आनंद ज्योति सिंह ने सम्मानित किया। संचालन पतंजलि पांडेय तथा धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक निगम ने किया। कार्यक्रम में अनिल रावल शास्त्री, दीप मेहरोत्रा, अखिलेश श्रीवास्तव, संजय उपस्थित थे।
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