फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Gyanvapi masjid ASI survey hearing of case complete in 67 days Hindu side Happy

ज्ञानवापी का एएसआई सर्वे: मामले की सुनवाई महज 67 दिन में पूरी, फैसले को हिंदू पक्ष क्यों बता रहा बड़ी जीत?

Fri, 21 Jul 2023 08:27 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 21 Jul 2023 08:27 PM IST
सार

जिला जज की अदालत ने शुक्रवार को बड़ा आदेश सुनाया और ज्ञानवापी में सील वजूखाने को छोड़कर पूरे परिसर के सर्वे का आदेश भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को दिया। मामले में अब चार अगस्त को सुनवाई होगी। जानिए इस पूरे मामले को।

विज्ञापन
Gyanvapi masjid ASI survey hearing of case complete in 67 days Hindu side Happy
ज्ञानवापी परिसर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी परिसर का सर्वे होगा। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने शुक्रवार को बड़ा आदेश सुनाया। ज्ञानवापी परिसर के सर्वे (सील वजूखाने को छोड़कर) के संबंध में अदालत ने 11 बिंदु पर आधारित आदेश एएसआई के निदेशक को दिया है। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर एएसआई को सर्वे कर चार अगस्त तक अदालत को रिपोर्ट देनी है। प्रकरण में सुनवाई की अगली तिथि चार अगस्त नियत की गई है।

विज्ञापन


जिला जज की अदालत के फैसले हिंदू पक्ष ने खुशी जताई है। कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की जाएगी। ताकि, मुस्लिम पक्ष की अपील पर आदेश देने से पहले हिंदू पक्ष को सुना जाए। हिंदू पक्ष को सुनने के बाद ही अदालत अपना आदेश सुनाए।
विज्ञापन

ये भी पढ़ें: मुस्लिम पक्ष को झटका, हिंदू पक्ष में खुशी की लहर, जानिए कब शुरू होगा ज्ञानवापी का सर्वे

विज्ञापन
विज्ञापन

कचहरी परिसर में हर-हर महादेव का उद्घोष

अदालत के फैसले को हिंदू पक्ष अपनी बड़ी जीत बता रहा है। उनका कहना है कि अदालत ने हमारी दलीलों को मान लिया है। मुस्लिम पक्ष की आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है। अदालत का फैसला आते ही हिंदू पक्ष ने कचहरी परिसर में हर-हर महादेव का उद्घोष कर खुशी का इजहार किया।

16 मई को अदालत में दिया गया था आवेदन 

Gyanvapi masjid ASI survey hearing of case complete in 67 days Hindu side Happy
कोर्ट परिसर के बाहर खुशी मनाता हिंदू पक्ष - फोटो : अमर उजाला

इस मामले की सुनवाई महज 67 दिन में ही पूरी हो गई। ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी मुकदमे की वादिनी रेखा पाठक, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और सीता साहू ने बीते 16 मई को अदालत में आवेदन दिया था। कहा था कि ज्ञानवापी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सील वजूखाने को छोड़ कर वर्ष 1993 से जो क्षेत्र बैरिकेडिंग के अंदर है, उसका एएसआई से रडार तकनीक से सर्वे कराया जाए। आवेदन पर 19 मई को अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति की तो हिंदू पक्ष ने 22 मई को अपनी दलील रखी थी। सात जुलाई को जिला जज के अवकाश पर रहने के कारण 12 जुलाई की तिथि सुनवाई के लिए नियत की गई।

हिंदू पक्ष ने आवेदन के निस्तारण पर बल दिया तो मसाजिद कमेटी ने आपत्ति के लिए समय मांगा और 14 जुलाई की तिथि सुनवाई के लिए नियत की गई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव भी अदालत में मौजूद रहे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज की अदालत ने 14 जुलाई को आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली थी। शुक्रवार को अपराह्न बाद जिला जज की अदालत ने मसाजिद कमेटी की आपत्ति को खारिज करते हुए हिंदू पक्ष का आवेदन स्वीकार करते हुए एएसआई से सर्वे का आदेश दिया।

एएसआई को 11 बिंदुओं पर सर्वे करना है

जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी से संबंधित मां शृंगार गौरी मूल वाद की सुनवाई 14 जुलाई को पूरी कर ली थी और पत्रावली को आदेश के लिए सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार दोपहर बाद जिला जज की अदालत ने फैसला सुनाया। हिंदू और मुस्लिम पक्ष की मौजूदगी में अदालत ने एसआई से सर्वे कराने का आवेदन मंजूर कर लिया। यह सर्वेक्षण ज्ञानवापी के सील वजूखाने को छोड़कर आराजी नंबर-9130 के संपूर्ण क्षेत्र का होगा। अदालत ने एएसआई के निदेशक को चार अगस्त तक सर्वे के संबंध में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। एएसआई को 11 बिंदुओं पर सर्वे करना है। 

सर्वे में मिलेगा एक और शिवलिंग

Gyanvapi masjid ASI survey hearing of case complete in 67 days Hindu side Happy
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

हिंदू पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने पक्ष रखा। इस दौरान ज्ञानवापी में हुए अधिवक्ता कमीशन की रिपोर्ट पेश की गई। अधिवक्ता की तरफ से कहा गया कि कमीशन की प्रक्रिया के दौरान शिवलिंग जैसी आकृति मिली थी। आकृति की एएसआई जांच का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचााराधीन है। वजूखाने को सील किया गया है। ऐसे में उसके आसपास के क्षेत्र का एएसआई सर्वे किया जा सकता है। विष्णु जैन ने अदालत से कहा कि ज्ञानवापी परिसर का सर्वे हो तो एक और शिवलिंग मिल सकता है। हिंदू पक्ष के एक अन्य अधिवक्ता मानबहादुर सिंह ने कहा कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने से वैमनस्यता फैली। हिंदू पक्ष कलेजे पर पत्थर रखकर इसे सहन करता रहा। यह ऐतिहासिक साक्ष्य है कि आदि विश्वेश्वर का मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है।

आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देगा मुस्लिम पक्ष

अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से कहा गया कि हाईकोर्ट के 12 मई के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 19 मई से स्टे है। एएसआई सर्वे के आवेदन को सुनने का अधिकार जिला जज को नहीं है। दूसरी अहम बात यह है कि इस मामले में एक बार सर्वे हो चुका है। उस पर आपत्ति भी की गई है। बगैर उसके निस्तारण के सर्वे का दूसरा आदेश नहीं दिया जा सकता।

हिंदू पक्ष ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात कही है, लेकिन उसका कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है। अभी आदेश की कॉपी अभी नहीं मिली है। आदेश का अध्ययन करने के बाद फैसला लिया जाएगा। जिला जज की अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। पहले श्रृंगार गौरी के पूजा का अधिकार मांगा गया। अब ज्ञानवापी के सर्वे की मांग करके मामले को उलझाया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed