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वाराणसीः नंदी और ज्ञानवापी प्रकरण पर आदेश के लिए 20 सितंबर की तिथि तय, पूजा-पाठ करने का अधिकार देने का मामला
Thu, 16 Sep 2021 08:13 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 16 Sep 2021 08:13 PM IST
सार
ज्ञानवापी परिसर स्थित आदि विश्वेश्वर ज्योर्तिलिंग और नंदी महाराज की ओर से पक्षकारों द्वारा दायर दो मुकदमों पर बृहस्पतिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में सुनवाई हुई।
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20 सितंबर को आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित
- फोटो : Social Media
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विस्तार
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित नंदी महाराज और काशी विश्वेश्वर मंदिर की ओर से दाखिल दो मुकदमों में सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने ग्राह्यता के बिंदु पर सुनवाई पूरी की। अदालत ने सुनवाई के बाद 20 सितंबर को आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित की है।
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अदालत में दलील सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने पेश की। आदि विश्वेश्वर की तरफ से महंत शिवप्रसाद पांडेय आदि ने मुकदमा दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि सतयुग से पहले भगवान शिव ने स्वयं ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी, जो शाश्वत है वह नष्ट नहीं हो सकता। यूपी सरकार द्वारा 1983 में काशी विश्वनाथ एक्ट बना, जिसमें हिंदुओं को पूजा-पाठ का अधिकार दिया गया है।
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वहीं दूसरा मुकदमा नंदीजी महाराज की तरफ से सितेंद्र चौधरी डोम राजा परिवार की तरफ से दाखिल किया गया है। इस मुकदमे में कहा गया कि नंदीजी महाराज शिव की सवारी है और उनके सेवक हैं, ऐसे में जहां शिव है वहां नंदी का रहना आवश्यक है।
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अदालत से पूजा-पाठ और मंदिर के धार्मिक रस्म करने की अनुमति मांगी गई और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को आदेशित करने के लिए कहा गया कि वर्तमान ढांचा हटने के बाद नए मंदिर के निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाए।
अदालत में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की तरफ से रईस अहमद और मुमताज अहमद ने कहा कि वक्फ बोर्ड को पार्टी नहीं बनाया जा सकता। वक्फ की संपत्ति के सुनवाई का अधिकार लखनऊ स्थित वक्फ बोर्ड को है। ऐसे में यहां दावा नहीं चल सकता है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश के लिए 20 सितंबर की तिथि नियत कर दी। अदालत में सुनवाई के दौरान विश्व वैदिक सनातन संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह विशेन स्थानीय अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी, मदन मोहन यादव, पंकज वर्मा, अनुपम द्विवेदी, पवन पाठक और याचिकाकर्ता मौजूद रहे।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश के लिए 20 सितंबर की तिथि नियत कर दी। अदालत में सुनवाई के दौरान विश्व वैदिक सनातन संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह विशेन स्थानीय अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी, मदन मोहन यादव, पंकज वर्मा, अनुपम द्विवेदी, पवन पाठक और याचिकाकर्ता मौजूद रहे।