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Gyanvapi Issue: मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव पर केस की मांग पर अब 6 को सुनवाई, धार्मिक भावना आहत करने का है आरोप

Sat, 04 Jun 2022 03:49 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 04 Jun 2022 03:49 PM IST
सार

ज्ञानवापी मामले में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग के आवेदन पर शनिवार को अदालत में सुनवाई हुई। 

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Gyanvapi Issue Another application demand for case on Joint Secretary of Masajid Committee  hearing today in varanasi court
ज्ञानवापी मामले में आज सुनवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी मामले में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग के आवेदन पर शनिवार को सुनवाई हुई। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सर्वोत्तमा नागेश वर्मा की अदालत में आवेदन पेश किया गया। कोर्ट ने वादी पक्ष से कहा कि आपका आवेदन सुनवाई योग्य है या नहीं है, इस पर रूलिंग पेश करें। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की सुनवाई की अगली तिथि छह जून तय कर दी। 

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ज्ञानवापी सर्वे के दौरान वजूस्थल में बरामद शिवलिंग जैसी आकृति के मामले में शुक्रवार को एक और वाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दाखिल किया गया था। यह वाद सीआरपीसी 156-3 के तहत अधिवक्ता सिद्धार्थ श्रीवास्तव व ज्ञान प्रकाश सिंह ने वादी अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह की तरफ से किया। इसमें संयुक्त सचिव अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन, प्रबंध समिति समेत एक हजार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई है।
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धार्मिक भावना आहत करने का आरोप
वाद में कहा गया है कि ज्ञानवापी में शिवलिंग होने की जानकारी के बाद हाथ पैर धोना, थूकना और वजू करने से हिंदू धर्मावलंबियों की धार्मिक भावना आहत हुई है। पुलिस  उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। कुछ नहीं होने पर चौक थाने से आख्या तलब कर प्राथमिकी विपक्षियों के खिलाफ दर्ज कर विवेचना किए जाने का अनुरोध किया गया।

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वीडियो लीक प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग 

विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने सरकार से ज्ञानवापी सर्वे के लीक हुए वीडियो-फोटो मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इससे जुड़ा पत्र भी केंद्र व राज्य सरकार को भेजा है। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार को सात पेज का शिकायती पत्र भेजा है।

कहा है कि यह बात सामने आना जरूरी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव को खतरे में डालने का प्रयास करने वाले राष्ट्र विरोधी लोग कौन हैं। ये गंभीर साजिश के तहत ज्ञानवापी परिसर के सर्वे से संबंधित वीडियो और फोटो को लीक किया गया। इसलिए सर्वे से जुड़े एक-एक व्यक्ति की जांच हो कि आखिरकार वीडियो और फोटो कैसे लीक हुआ। उन्होंने कहा कि वे जांच में सरकार का पूरा सहयोग करेंगे और उनको भी जांच के दायरे में लाया जाए।
 

ज्ञानवापी केस के पक्षकार के दावे को मसाजिद कमेटी के सचिव ने किया खारिज


ज्ञानवापी मामले में रोजाना नए तथ्य और दावे पेश किए जा रहे हैं। ऐसे में ज्ञानवापी केस के पक्षकार हरिहर पांडेय ने दावा किया है कि उन्होंने ज्ञानवापी मुद्दे का हल निकालने के लिए ़अपनी जमीन देने का प्रस्ताव मुस्लिम पक्ष को दिया था, लेकिन आज तक उन लोगाें ने उस पर कोई पहल नहीं की है। वहीं अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने हरिहर पांडेय के दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह झूठ बोल रहे हैं।

मस्जिद के लिए जमीन देने को तैयार
ज्ञानवापी केस के इकलौते जीवित पक्षकार हरिहर पांडेय ने बताया कि 2021 में प्रतिवादी पक्ष के लोग मेरे घर पर हाईकोर्ट का नोटिस लेकर आए थे। उन्होंने मुझसे पूछा था कि इस मसले को सुलझाने का कोई रास्ता निकल सकता है क्या? मैंने कहा कि आप चाहते हैं कि मस्जिद बरकरार रहे और मैं चाहता हूं कि मस्जिद हटे। इसलिए इसका विकल्प यही है कि आप दो, चार, छह या आठ एकड़ जमीन लेकर उस पर मस्जिद का निर्माण करा सकते हैं। मैं अपनी जमीन की रजिस्ट्री आपके नाम से करवा देता हूं।

मेरे इस प्रस्ताव पर आज तक मुस्लिम पक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया। जब मैंने सोमनाथ व्यास और प्रो. रामरंग शर्मा के साथ मुकदमा दायर किया था तो हम लोगों को पता था कि यह मुकदमा लंबा चलेगा। सोमनाथ और रामरंग का निधन हो चुका है। हरिहर पांडेय ने कहा कि मेरे बाद मेरी पीढ़ियां इस मुकदमे को लड़ेंगी। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा कि उनका दावा पूरी तरह से गलत है। इस तरह का कोई प्रस्ताव हम लोगों को किसी ने नहीं दिया है। यह बेवजह की अफवाह और कोरी कल्पना की बातें हैं। 

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